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Hast Rekha Shastra: भाग्य रेखा को भी बदल सकते है, यहां से जानें

Updated at : 25 Nov 2024 9:15 AM (IST)
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Hast Rekha Shastra

Hast Rekha Shastra

Hast Rekha Shastra: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हम अपने कार्यों और कुछ प्रयासों के माध्यम से इन रेखाओं के प्रतिकूल प्रभावों को बदल सकते हैं. आज हम इसी विषय पर आपको जानकारी देने के लिए प्रस्तुत हैं.

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Hast Rekha Shastra:  हिन्दू धर्म में हस्तरेखा शास्त्र को अत्यधिक महत्व दिया जाता है. हथेली की रेखाओं को भविष्य का दर्पण माना जाता है, और इन रेखाओं के माध्यम से वर्तमान से लेकर भविष्य, व्यक्तित्व, और व्यक्ति के गुणों के बारे में कई जानकारियाँ प्राप्त की जा सकती हैं. कभी-कभी, हथेली की रेखाएँ जीवन में किसी अशुभता या हानि का संकेत भी देती हैं, जो कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए तनाव का कारण बन सकती है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हम अपने कर्मों और कुछ प्रयासों के माध्यम से इन रेखाओं के नकारात्मक प्रभावों को परिवर्तित कर सकते हैं. आज हम इसी विषय पर आपको जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं.

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ऐसे बदलें हस्तरेखा

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, यदि जीवन रेखा में कोई समस्या उत्पन्न होती है, जैसे कि वह उलझी हुई या टूटी-फूटी दिखाई देती है, तो इसे सुधारने के लिए प्रयास करना आवश्यक है. इससे न केवल आपकी जीवन रेखा में सुधार होगा, बल्कि आप स्वास्थ्य के मामले में भी बेहतर रहेंगे. इसके लिए, नियमित रूप से एक निश्चित समय पर महामृत्यंजय मंत्र का जाप करना चाहिए. आप इसे अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21, 51 या 108 बार पढ़ सकते हैं. यह मान्यता है कि यदि आप लगातार 45 दिनों तक इसका पाठ करते हैं, तो आपकी जीवन रेखा में सुधार संभव है.

रेखा स्पष्ट ना हों तो

कुछ व्यक्तियों के हाथों में रेखाएं स्पष्ट नहीं होतीं. ये रेखाएं एक-दूसरे के साथ इस प्रकार उलझी होती हैं कि उनका सही अर्थ समझना कठिन हो जाता है. ऐसे में हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, यदि घर में पिरामिड या फिर स्पटिक यंत्र रखा जाए, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है. लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि इन यंत्रों की नियमित पूजा की जाए. ऐसा करने से रेखाओं की स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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