ग्रह-नक्षत्रों पर कोरोना का ग्रहण, अप्रैल-मई में नहीं बजेगी शहनाई

Updated at : 03 Apr 2020 6:53 AM (IST)
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ग्रह-नक्षत्रों पर कोरोना का ग्रहण, अप्रैल-मई में नहीं बजेगी शहनाई

ग्रह-नक्षत्रों पर कोरोना का ग्रहण, अप्रैल-मई में नहीं बजेगी शहनाई -सोशल डिस्टेंस के अनुपालन में लोग आगे टाल रहे शादी की तिथि-खरमास बाद 15 अप्रैल से ही शुरू है लग्न, चल रही थी तैयारियां -नवंबर-दिसंबर में कम मुहूर्त होने के कारण आयोजक मुश्किल में

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धनंजय पांडेय, बलिया : ग्रह-नक्षत्र अनुकूल होने के बाद भी मांगलिक कार्यों पर कोरोना का ग्रहण लग गया है. वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लागू सोशल डिस्टेंस का फार्मूला इस बार अप्रैल और मई में होने वाले मांगलिक आयोजनों को प्रभावित कर रहा है. 14 अप्रैल तक खरमास है. साथ ही पूरे देश में लॉकडाउन भी घोषित है. 15 अप्रैल से शहर सहित ग्रामीण इलाकों में तमाम लोगों ने तिलक और शादी का दिन तय किया था, लेकिन हालात सही नहीं होने के कारण खुद ही तिथि आगे बढ़ाने लगे हैं. पंडितों के यहां फोन करके अगले लग्न में नयी तिथि तय करने की सिफारिश करने के साथ ही लोग मैरेज हॉल, कैटरर्स, बैंड बाजा सहित अन्य चीजों की बुकिंग रद्द करने का भी अनुरोध कर रहे हैं.

पंडित अक्षयवर दुबे ने बताया कि अभी तक दर्जनभर से अधिक लोगों ने शादी की तिथि नवंबर-दिसंबर तक टालने का अनुरोध किया है. अप्रैल और मई की शादियों को लेकर ही लोग असमंजस में है. हालांकि तमाम लोग अभी भी इस उम्मीद में है कि इस महीने के अंत तक सबकुछ ठीक हो जायेगा. बताया कि नवंबर और दिसंबर में कम लग्न है. उन तिथियों पर पहले से जो शादियां तय है, वे जरूरी सामानों की बुकिंग भी कर रहे हैं. ऐसे में अब कोई शादी या तिलक की तिथि तय की जायेगी, तो सामानों की बुकिंग में थोड़ी दिक्कत होगी. कार्ड छपवाने के बाद मुश्किल में कई लोगइस महीने होने वाली शादियों के लिए लोगों ने कार्ड भी छपवा लिया था. शहर के रहने वाले अनिरुद्ध तिवारी का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए सोशल डिस्टेंस का निर्देश है.

लॉकडाउन खत्म हो गया, तब भी दिक्कत होगी. 20 अप्रैल को ही शादी है. ऐसे में दिन आगे टालने में भी भलाई है. अप्रैल-मई में होती है ज्यादा शादियां14 अप्रैल को खरमास खत्म होता है. इससे पहले ग्रामीण इलाकों में लोग खेती-किसानी के काम से फुर्सत पा लेते हैं. ऐसे में अप्रैल और मई के लग्न में ही ज्यादातर शादियां होती है. बाहर रहने वाले लोग भी बच्चों की छुट्टी के कारण गांव आकर कुछ दिन आराम कर लेते हैं. इस साल अप्रैल में 15, 16, 17, 20, 23 व 26 तारीख को विवाह का दिन रखा गया था. इसी तरह मई में 3, 4, 6, 7, 10, 17, 18, 20 व 22 को भी सैकड़ों युवाओं की शादी होनी थी.

जून की शादियों को लेकर असमंजसजून में केवल चार दिन शुभ मुहूर्त है. 7, 10, 11 व 17 जून को होने वाली शादियों पर अभी असमंजस की स्थिति है. वर-वधू पक्ष के लोग अभी हालात देख रहे हैं. स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो अगले महीने तक उनकी शादियों की तिथि भी आगे बढ़ सकती है. नवंबर-दिसंबर में केवल आठ शुभ दिन इस साल नवंबर और दिसंबर में केवल विवाह के लिए केवल आठ शुभ मुहूर्त है. नवंबर में 5, 25 और 30 को विवाह का योग है. वहीं दिसंबर में 1, 7, 8, 9 और 11 को शादी के बढ़िया मुहूर्त बताया गया है.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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