Chanakya Niti: छात्र-छात्राओं को सफलता पाने के लिए इन बातों पर देना होगा ध्यान
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Chanakya Niti Hindi: देश में कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन किया गया था. लॉकडाउन के कारण सभी परीक्षाओं पर रोक लग गई थी. अब अनलॉक 01 शुरू हो गया है. इस दौरान सभी परीक्षाएं अब शुरू की जाएगी. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा सीटीईटी की परीक्षा 5 जुलाई 2020 को आयोजित की जाएगी.
Chanakya Niti Hindi: देश में कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन किया गया था. लॉकडाउन के कारण सभी परीक्षाओं पर रोक लग गई थी. अब अनलॉक 01 शुरू हो गया है. इस दौरान सभी परीक्षाएं अब शुरू की जाएगी. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा सीटीईटी की परीक्षा 5 जुलाई 2020 को आयोजित की जाएगी. वहीं आईएएस की परीक्षा की भी तारीख घोषित हो चुकी है. यह परीक्षा 4 अक्टूबर 2020 को आयोजित की जाएगी. यानि परीक्षाओं का दौर आरंभ हो चुका है. परीक्षा कैसी भी हो उसे हमेशा गंभीरता से लेना चाहिए और उसमें सफलता के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए. परीक्षा में सफलता पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होता है. इसलिए परीक्षा से पहले का जो समय है उस वक्त जितना हो सकें मेहनत करना चाहिए.
वह परीक्षार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. इसलिए चाणक्य की इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए. बता दें कि आचार्य चाणक्य स्वयं एक शिक्षक थे. उनका नाता विश्वप्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से थे. यहां पर चाणक्य आचार्य थे और विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों की शिक्षा प्रदान किया करते थे. इसलिए उन्हें विद्यार्थियों की मनोस्थिति का बहुत ही व्यावहारिक ज्ञान था. अनुभवों के आधार पर प्राप्त ज्ञान को चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति में बताया है कि विद्यार्थियों को कैसा जीवन जीना चाहिए, जिससे वे परीक्षा में खरे उतर सकें.
परीक्षा को लेकर सभी छात्र-छात्राएं टेंशन में आ जाते है. किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए जीवन में अनुशासन की बहुत बड़ी भूमिका होती है. अनुशासित जीवन शैली से ही कठिन से कठिन परीक्षा में पास किया जा सकता है. इसलिए परीक्षा जब नजदीक हो तो भोजन, पढ़ने और सोने का समय अनुशासित होना चाहिए. क्योंकि परीक्षा के समय एक एक पल की कीमत होती है.
परीक्षा में सफलता पाने के लिए समय प्रबंधन का विशेष महत्व होता है. पढ़ने, लिखने और विषय को याद करने का समय निर्धारित करना चाहिए. समय सीमा तय करने से ही विषय को पूर्ण करने में मदद मिलती है. इसलिए इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए. चाणक्य ने कहा है कि छात्र-छात्राओं को समय और अपने सेहत का ध्यान रखते हुए परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए.
चाणक्य के अनुसार स्वस्थ्य व्यक्ति ही अपने लक्ष्यों को आसानी से पा सकता है. छात्र-छात्राओं को कोई भी लक्ष्य तभी मिल सकता है कि जब व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ्य हो, इसलिए जब परीक्षा नजदीक आए तो सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए. परीक्षा के समय छात्र-छात्राओं को दबाव और तनाव में नहीं रहना चाहिए. क्योंकि दबवा और तनाव में सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए परीक्षा के समय खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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