Bhaum Pradosh Vrat 2025: आज भौम प्रदोष व्रत पर जरूर सुनें ये व्रत कथा, जानें क्या है इसकी विशेषता

Edited by Shaurya Punj
Updated:
विज्ञापन

भौम प्रदोष व्रत 2025,

Bhaum Pradosh Vrat Katha: भौम प्रदोष व्रत भगवान शिव और मंगलदेव की कृपा पाने का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है. मंगलवार को पड़ने वाला यह प्रदोष व्रत कर्ज मुक्ति, मंगलदोष शांति और जीवन की तमाम बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है. इस व्रत से जुड़ी प्रेरक कथा इसे और भी खास बनाती है.

विज्ञापन

Bhaum Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अत्यंत खास महत्व बताया गया है. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है. हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है, लेकिन जब यह तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो यह और भी शक्तिशाली और कल्याणकारी माना जाता है. इस विशेष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है.

इस बार यह व्रत 2 दिसंबर 2025, मंगलवार को रखा जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भौम (मंगल) प्रदोष व्रत मंगल ग्रह से संबंधित दोषों को शांत करता है और कर्ज तथा संकटों से छुटकारा दिलाता है. इस व्रत में भगवान शिव के साथ मंगलदेव की पूजा भी की जाती है. इस व्रत से जुड़ी एक रोचक और प्रेरणादायक कथा भी है, जिसे ज्योतिषाचार्य डॉ. एन. के. बेरा बताते हैं.

भौम प्रदोष व्रत की प्रेरणादायक कथा

एक वृद्धा थी जो मंगलदेव को अपना इष्ट देव मानकर हर मंगलवार को व्रत रखती थी. उसका एक बेटा था, जो मंगलवार को पैदा हुआ था, इसलिए लोग उसे प्यार से मंगलिया कहते थे. वृद्धा की मंगलदेव में अटूट श्रद्धा थी. वह मंगलवार के दिन न घर लीपती थी, न ही पृथ्वी खोदती थी, ताकि व्रत की रीति न टूटे.

एक दिन मंगलदेव उसकी भक्ति की परीक्षा लेने के लिए एक साधु का रूप धरकर उसके घर पहुंचे. उन्होंने आवाज लगाई—

“माई, भोजन बनाना है, ज़रा चौका लीप दो.”

वृद्धा ने हाथ जोड़कर कहा—

“महाराज, आज मंगलवार का व्रत है, इसलिए मैं पृथ्वी नहीं लीप सकती. आप कहें तो मैं जल का छिड़काव कर दूं.”

साधु ने कहा,

“मैं तो गोबर से लीपे चौके पर ही भोजन बनाता हूं. सोच लो.”

वृद्धा ने विनम्रता से कहा,

“महाराज, पृथ्वी लीपने के अलावा जो भी सेवा कहेंगी, पूरी करूंगी.”

साधु ने तीन बार वचन लिया और फिर बोला,

“तो अपने बेटे को बुलाकर औंधा लिटा दो, मैं उसकी पीठ पर भोजन बनाऊंगा.”

यह सुनकर वृद्धा क्षणभर रुकी, पर फिर मन में मंगलदेव का स्मरण करते हुए बोली—

“जैसी प्रभु की इच्छा.”

ये भी देखें: आज मंगलवार के दिन पड़ रहा भौम प्रदोष व्रत, कर्ज मुक्ति और मंगलदोष शांति का बन सकता है विशेष योग

उसने बेटे को बुलाया और उसे साधु के कहे अनुसार औंधा लिटा दिया. साधु ने उसकी पीठ पर अंगीठी रखी और आग जलाई. वृद्धा दूर खड़ी प्रार्थना करती रही. साधु ने भोजन तैयार किया और फिर वृद्धा से कहा—

“अब अपने बेटे को बुलाओ, उसे प्रसाद देना है.”

वृद्धा ने आंसू भरी आंखों से कहा—

“महाराज, उसकी पीठ पर आपने आग जलाई, अब वह कैसे जीवित होगा? कृपा कर उसके विषय में मत बोलिए.”

साधु के आग्रह पर उसने धीमे से पुकारा—

“मंगलिया…”

और आश्चर्य! कुछ ही क्षण में मंगलिया स्वस्थ और हंसता हुआ सामने आ गया. वृद्धा की आंखों में आनंद के आंसू भर गए.

तभी साधु ने अपना वास्तविक स्वरूप प्रकट किया और बोले—

“माई, मैं मंगलदेव हूं. तुम्हारी अटूट भक्ति, दया और सत्यनिष्ठा से प्रसन्न होकर तुम्हें आशीर्वाद देता हूं—

तुम्हें और तुम्हारे परिवार को जीवन में कभी कष्ट नहीं छूएगा.”

भौम प्रदोष व्रत क्यों है विशेष?

  • यह व्रत शिव कृपा और मंगलदेव की प्रसन्नता दोनों प्रदान करता है.
  • कर्ज मुक्ति, आर्थिक समस्याओं और संकटों से राहत मिलती है.
  • मंगल दोष वाले जातकों को विशेष लाभ होता है.
  • स्वास्थ्य, साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है.
  • घर–परिवार में सौहार्द और समृद्धि आती है.
विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola