आज है भौम प्रदोष व्रत, शुभ मुहूर्त में जानें किस विधि से करें पूजा

Published by :Shaurya Punj
Published at :28 Apr 2026 9:08 AM (IST)
विज्ञापन
Bhaum Pradosh Vrat 2026

आज भौम प्रदोष व्रत की जानें पूजा विधि

Bhaum Pradosh Vrat 2026: आज भौम प्रदोष व्रत पर जानें शुभ मुहूर्त और आसान पूजा विधि. भगवान शिव की कृपा पाने, मंगल दोष शांत करने और जीवन की बाधाएं दूर करने का खास दिन.

विज्ञापन

Bhaum Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत को भगवान शिव का सबसे प्रिय व्रत माना जाता है. ये व्रत हर महीने दो बार त्रयोदशी तिथि को आता है. अप्रैल 2026 में यह खास व्रत 28 अप्रैल, मंगलवार को पड़ा है, जिसे भौम प्रदोष कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

भौम प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

काशी पंचांग के हिसाब से इस दिन पूजा का सबसे अच्छा समय यानी प्रदोष काल शाम 6:54 बजे से रात 9:04 बजे तक रहेगा. इसी समय भगवान शिव की पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है. कहा जाता है कि इस दौरान की गई पूजा सीधे भगवान तक पहुंचती है.

भौम प्रदोष क्यों है खास?

जब प्रदोष व्रत मंगलवार को आता है, तो उसे भौम प्रदोष कहा जाता है. ये दिन खास तौर पर मंगल दोष को शांत करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है.

ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से:

  • जीवन की रुकावटें दूर होती हैं
  • नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है
  • आत्मविश्वास बढ़ता है
  • कर्ज और विवाद से राहत मिलती है

यानी ये व्रत सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और जीवन से जुड़ी परेशानियों को कम करने वाला भी माना जाता है.

भौम प्रदोष व्रत पर पूजा विधि

  • अगर आप ये व्रत रखना चाहते हैं, तो तरीका भी बहुत आसान है.
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें
  • घर के पूजा स्थान को साफ करके शिवलिंग या भगवान शिव की फोटो रखें
  • फिर जल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करें
  • इसके बाद चंदन लगाएं और बेलपत्र, फूल, धतूरा चढ़ाएं
  • भगवान को मिठाई (खासकर घी-शक्कर वाली) का भोग लगाएं
  • शिव मंत्र, “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें और शिव चालीसा पढ़ें
  • प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें
  • घी का दीपक जलाकर आरती करें

दिनभर व्रत रखते हुए मन में भगवान शिव का ध्यान करते रहें. फिर शाम को स्नान करके प्रदोष काल में दोबारा विधि-विधान से पूजा करें.

ये भी पढ़ें: प्रदोष व्रत पर बन रहा है त्रिपुष्कर योग का संयोग

क्या मिलता है भौम प्रदोष व्रत से?

मान्यता है कि इस व्रत से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मन को शांति मिलती है. भगवान शिव की कृपा से सुख-समृद्धि आती है और हर मुश्किल आसान होने लगती है. यही वजह है कि लोग इस व्रत को बड़े विश्वास और श्रद्धा से करते हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola