Ashwin Month 2025 Festival List: होने जा रहा है आश्विन माह का आरंभ, मनाए जाएंगे ये सारे व्रत त्योहार

आश्विन माह में मनाए जाएंगे ये व्रत त्योहार
Ashwin Month 2025 Festival List: हिंदू पंचांग का सातवां महीना आश्विन माह 8 सितंबर 2025 से आरंभ हो रहा है. यह महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद पावन माना जाता है. इस दौरान पितृपक्ष, महालक्ष्मी व्रत, इंदिरा एकादशी, विश्वकर्मा पूजा, शारदीय नवरात्र और शरद पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे.
Ashwin Month 2025 Festival List: हिन्दू पंचांग का सातवां महीना आश्विन मास अत्यंत पावन माना जाता है. इसका आरंभ भाद्रपद पूर्णिमा के बाद होता है. इस माह का नाम अश्विन नक्षत्र के आधार पर पड़ा, जो 27 नक्षत्रों में पहला है. इसे क्वार माह के नाम से भी जाना जाता है. आश्विन माह में अनेक धार्मिक और आध्यात्मिक पर्व-त्योहार पड़ते हैं. माह की शुरुआत ही पितृपक्ष से होती है, जिसे महालय भी कहा जाता है. पितरों की तृप्ति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पूजन का विशेष महत्व होता है.
पितृपक्ष
पितृपक्ष की शुरुआत 8 सितंबर 2025 से होगी. सनातन धर्म में सबसे पहले पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना अनिवार्य माना गया है. ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि आती है. जिन लोगों को अपने स्वर्गीय माता-पिता की तिथि ज्ञात न हो, वे अमावस्या के दिन श्राद्ध कर सकते हैं.
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महालक्ष्मी व्रत
आश्विन कृष्णपक्ष अष्टमी को 14 सितंबर 2025 (रविवार) को महालक्ष्मी व्रत किया जाएगा. बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल में इसी दिन महिलाएं जीवित्पुत्रिका व्रत करती हैं. यह व्रत संतान की लंबी आयु के लिए रखा जाता है. व्रत का पारण अगले दिन 15 सितंबर 2025 (सोमवार) सुबह 6:28 बजे के बाद होगा.
इंदिरा एकादशी
आश्विन कृष्णपक्ष की इंदिरा एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. इस व्रत से पितरों को मोक्ष और साधकों को उन्नति प्राप्त होती है. परिवार में एकता और सुख-शांति बनी रहती है.
कन्या संक्रांति
17 सितंबर 2025 को कन्या संक्रांति मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं. इसे शनि के प्रभाव में वृद्धि और सूर्य के प्रभाव में कमी का समय माना जाता है. इस दिन सूर्य पूजन करना अत्यंत कल्याणकारी होता है.
विश्वकर्मा पूजा
17 सितंबर 2025 को ही विश्वकर्मा पूजा होगी. भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पकार और दिव्य वास्तुकार माना जाता है. मान्यता है कि स्वर्ण लंका का निर्माण भी इन्हीं ने किया था. इस दिन मशीनरी, वाहन और औजारों की विशेष पूजा की जाती है.
सर्वपितृ अमावस्या
21 सितंबर 2025 को सर्वपितृ अमावस्या होगी. यह दिन पितरों के विसर्जन का दिन माना जाता है. ब्राह्मण भोजन, दान-दक्षिणा और पितरों की तृप्ति से परिवार में उन्नति होती है और पितृदोष दूर होता है.
शारदीय नवरात्रि
आश्विन शुक्लपक्ष प्रतिपदा से 22 सितंबर 2025 को शारदीय नवरात्रि का आरंभ होगा. नौ दिनों तक मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना होगी. दशमी तिथि को विजयादशमी के साथ इसका समापन होगा. इसे वर्ष की सबसे प्रमुख नवरात्रि माना जाता है.
पापांकुशा एकादशी
3 अक्टूबर 2025 को पापांकुशा एकादशी मनाई जाएगी. यह व्रत पापों के नाश और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता है. धर्मग्रंथों में इसके महत्व का विस्तार से वर्णन है.
शरद पूर्णिमा
6 अक्टूबर 2025 को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं. इस दिन रात्रि में दूध से बनी खीर चांदनी में रखकर प्रातः प्रसाद के रूप में ग्रहण की जाती है. मान्यता है कि इससे रोग-निवारण और स्वास्थ्य लाभ मिलता है.
आश्विन माह धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस दौरान पितृपक्ष, एकादशी, नवरात्र और पूर्णिमा जैसे प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं.
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
(ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ)
8080426594 / 9545290847
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By Shaurya Punj
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