Sarva Pitru Amavasya 2025: सर्व पितृ अमावस्या पर लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, जानें क्या इस दिन पितरों का तर्पण करना सही
Published by : Shaurya Punj Updated At : 18 Sep 2025 9:36 AM
Sarva Pitru Amavasya 2025 and Pitri Tarpan
Sarva Pitru Amavasya 2025: रविवार यानी 21 सितंबर 2025 को सर्व पितृ अमावस्या और सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है. चूंकि यह ग्रहण रात में होगा और भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए दिन में पितरों का तर्पण बिना किसी बाधा के किया जा सकता है. इस दिन तर्पण, दान और पिंडदान का विशेष महत्व है.
Sarva Pitru Amavasya 2025: आने वाले 21 सितंबर 2025 को सर्व पितृ अमावस्या के दिन साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगेगा. यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 10 बजकर 59 मिनट से शुरू होकर देर रात 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. चूंकि यह ग्रहण रात में होगा और भारत में दिखाई भी नहीं देगा, इसलिए सूतक काल के नियम यहां लागू नहीं होंगे. इसका अर्थ है कि दिन के समय आप अपनी धार्मिक परंपराओं और कर्मकांड को बिना बाधा के कर सकते हैं.
सर्व पितृ अमावस्या का महत्व और तर्पण का शुभ समय
सर्व पितृ अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है, जब लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और दान करते हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पितरों का तर्पण दोपहर में करना शुभ माना जाता है. इस बार तर्पण का समय दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से 3 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. चूंकि सूर्य ग्रहण रात में है, इसलिए इस शुभ समय पर तर्पण करना बिल्कुल सही और लाभकारी होगा.
तर्पण से मिलने वाले आशीर्वाद और लाभ
इस दिन श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है, जीवन की परेशानियां कम होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. इस प्रकार सूर्य ग्रहण के बावजूद सर्व पितृ अमावस्या पर तर्पण करना पूरी तरह उपयुक्त और शुभ है.
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सूर्य ग्रहण और सर्व पितृ अमावस्या पर तर्पण की स्थिति
सूर्य ग्रहण और सर्वपितृ अमावस्या 2025 को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इस दिन पितरों का तर्पण किया जा सकता है. साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगेगा, जो रात लगभग 11 बजे शुरू होकर देर रात 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. चूंकि ग्रहण रात में है, इसलिए दिन के समय आप पितरों का तर्पण बिना किसी बाधा के कर सकते हैं.
पितरों के तर्पण का उत्तम मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों का तर्पण करने का सबसे शुभ समय दोपहर माना गया है. इस बार तर्पण के लिए दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से लेकर 3 बजकर 53 मिनट तक का समय उत्तम रहेगा. इस अवधि में श्रद्धा और विधि-विधान के साथ तर्पण करने से पितरों की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है.
ग्रहण के समय श्राद्ध और दान का महत्व
शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय किए गए श्राद्ध और दान का महत्व साधारण दिनों की तुलना में कहीं अधिक होता है. इस अवधि में पितरों को तर्पण अर्पित करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और वे वंशजों को आशीर्वाद देकर जीवन में सुख-समृद्धि और बाधाओं में कमी लाते हैं.
दान, तर्पण और ब्राह्मण भोजन के विशेष फल
इस समय ब्राह्मणों को भोजन कराना, वस्त्र, अन्न, धन और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना तथा पितरों के लिए तर्पण करना विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है. इन कर्मकांडों से पूर्वजों की कृपा मिलती है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा एवं समृद्धि का संचार होता है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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