आमलकी एकादशी पर करें इस कथा का पाठ, वरना पूजा रह जाएगी अधूरी

Published by : Neha Kumari Updated At : 26 Feb 2026 9:36 AM

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आमलकी एकादशी व्रत कथा

Amalaki Ekadashi Vrat Katha: आमलकी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है तथा भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

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Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी को आंवला और रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. यह व्रत हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है. व्रत के दौरान भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस व्रत को विधि–पूर्वक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ करना और सुनना, दोनों ही बेहद लाभदायक माने जाते हैं.

आमलकी एकादशी व्रत कथा

शास्त्रों के अनुसार, प्राचीन समय में वैदिक नामक एक राज्य था, जहां एक चंद्रवंशी राजा का शासन था. उस राज्य के सभी लोग भगवान विष्णु के भक्त थे. नगरवासी हर महीने श्रद्धापूर्वक एकादशी का व्रत रखते और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते थे.

नगर में आया पापी शिकारी

फाल्गुन महीने की एकादशी के अवसर पर पूरे नगर में व्रत और कथा का आयोजन किया जा रहा था. उसी समय एक पापी शिकारी वहां पहुंचा. मंदिरों और घरों में चल रही कथा को वह अलग-अलग स्थानों पर रुककर सुनता रहा. कथा सुनते-सुनते उसने पूरी रात जागरण में ही बिता दी.

अनजाने में मिला व्रत का पुण्य

अगली सुबह शिकारी अपने घर लौट गया. कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई. पापों के कारण उसे नरक जाना पड़ा, लेकिन अनजाने में सुनी आमलकी एकादशी कथा और किए गए जागरण का पुण्य उसे प्राप्त हुआ. व्रत के प्रभाव से अगले जन्म में उसने राजा विदूरथ के घर जन्म लिया. उसका नाम वसुरथ रखा गया. बड़े होने पर एक दिन वह जंगल में भटक गया और एक पेड़ के नीचे सो गया.

भगवान विष्णु ने की रक्षा

इसी दौरान कुछ डाकुओं ने उस पर हमला कर दिया, लेकिन उनके अस्त्र-शस्त्र का राजा पर कोई असर नहीं हुआ. जब वसुरथ की नींद खुली, तो उन्होंने आसपास हमलावरों को जमीन पर गिरा हुआ पाया. तभी आकाशवाणी हुई कि पिछले जन्म में किए गए आमलकी एकादशी व्रत के पुण्य के कारण भगवान विष्णु स्वयं उनकी रक्षा कर रहे हैं.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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