महाप्रभु की घर वापसी आज, पुरी में बाहुड़ा यात्रा में उमड़ेगा आस्था का महासागर

आज पुरी में निकलेगी बाहुड़ा यात्रा
पुरी की पवित्र बाहुड़ा यात्रा आज भक्तिभाव और उत्साह के साथ आयोजित होगी. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा गुंडिचा मंदिर से अपने रथों पर सवार होकर श्रीमंदिर लौटेंगे. इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग के व्यापक इंतजाम किए हैं. बाहुड़ा यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है.
Bahuda Yatra 2026: पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पवित्र बाहुड़ा यात्रा आज श्रद्धा और उत्साह के बीच आयोजित होगी. वहीं रथयात्रा विवाद पर इस्कॉन ने गजपति महाराज की सलाह मानने का भरोसा देकर विवाद को शांत करने की पहल की है.
महाप्रभु की बाहुड़ा यात्रा का शुभ आयोजन
गुंडिचा मंदिर में प्रवास पूर्ण करने के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा आज अपने रथों पर सवार होकर श्रीमंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे. बाहुड़ा यात्रा के साथ विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा उत्सव अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है. श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है.
भक्तों की भारी भीड़ और दर्शन की व्यवस्था
बाहुड़ा यात्रा से पहले श्रद्धालु सुबह से ही गुंडिचा मंदिर में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लंबी कतारें देखी गईं. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा और शाम तक दर्शन की अनुमति दी गई.
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पुरी में भक्तिभाव का महाउत्सव, बाहुड़ा यात्रा के साथ रथयात्रा अंतिम चरण में
- आज निकलेगी बाहुड़ा यात्रा, गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर लौटेंगे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा.
- लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना, पुरी में भक्तिमय माहौल और उत्साह चरम पर.
- दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, गुंडिचा मंदिर में अंतिम दर्शन के लिए सुबह से लगी लंबी कतारें.
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अतिरिक्त पुलिस बल, सुरक्षा कर्मी और स्वयंसेवकों की तैनाती.
- 31 स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था, हजारों वाहनों और मोटरसाइकिलों के लिए विशेष प्रबंध.
- रथयात्रा विवाद पर इस्कॉन का यू-टर्न, गजपति महाराज की सलाह और पुरी की परंपराओं का पालन करने का भरोसा.
- रथयात्रा उत्सव अंतिम चरण में, बाहुड़ा यात्रा के बाद शुरू होंगी समापन से जुड़ी प्रमुख धार्मिक रस्में.
- पुरी की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक, बाहुड़ा यात्रा को देखने देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु.
सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम
लाखों श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति को देखते हुए श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है. शहर और आसपास के क्षेत्रों में 31 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. प्रशासन के अनुसार हजारों चारपहिया वाहनों और 18 हजार से अधिक दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग उपलब्ध कराई गई है. अतिरिक्त पुलिस बल, सुरक्षा कर्मी और स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है.
रथयात्रा विवाद पर इस्कॉन का स्पष्टीकरण
रथयात्रा के पारंपरिक समय से अलग आयोजन को लेकर चल रहे विवाद के बीच इस्कॉन ने स्पष्ट किया है कि वह पुरी की धार्मिक परंपराओं और श्रीजगन्नाथ मंदिर की मर्यादाओं का सम्मान करता है. इस्कॉन अक्षय पात्र फाउंडेशन के अध्यक्ष मधुपंडित दास ने कहा कि संगठन गजपति महाराज द्वारा दिए गए सुझावों और दिशा-निर्देशों का पालन करेगा.
परंपराओं के सम्मान का दिया भरोसा
इस्कॉन ने कहा कि रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है. संगठन ने भविष्य में भी पुरी श्रीमंदिर की परंपराओं के अनुरूप ही आयोजन करने की प्रतिबद्धता जताई है. इस बयान के बाद रथयात्रा को लेकर चल रहा विवाद शांत होने की उम्मीद बढ़ गई है.
सदियों से चली आ रही है बाहुड़ा यात्रा की परंपरा
पुरी की बाहुड़ा यात्रा सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और महाप्रभु की वापसी यात्रा के साक्षी बनते हैं. श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन, धार्मिक विद्वानों और परंपरागत सेवायतों के मार्गदर्शन में यात्रा का संचालन किया जाता है, जिससे धार्मिक नियमों का पालन सुनिश्चित होता है.
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लेखक के बारे में
By शौर्य पुंज
मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.
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