ePaper

आंवला एकादशी 2025 पर बन रहा शुभ संयोग, जानें पूजा और पारण का सही समय

Updated at : 07 Mar 2025 9:57 AM (IST)
विज्ञापन
Amalaki Ekadashi March 2025

Amalaki Ekadashi March 2025

Amalaki Ekadashi 2025: एकादशी तिथि को भगवान विष्णु, जो कि सृष्टि के रक्षक हैं, के प्रति समर्पित माना जाता है. फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी या आंवला एकादशी के नाम से जाना जाता है. इसे काशी में रंगभरी एकादशी के रूप में भी जाना जाता है. आइए जानते हैं कि मार्च में आमलकी एकादशी का व्रत कब आयोजित किया जाएगा.

विज्ञापन

Amalaki Ekadashi 2025: आंवला एकादशी, जिसे फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, हर वर्ष महाशिवरात्रि और होली के बीच आती है. इस दिन भगवान विष्णु की आराधना की जाती है और आंवले का भोग अर्पित किया जाता है. वर्ष 2025 में आंवला एकादशी को विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन तीन शुभ योग का निर्माण हो रहा है और 68 मिनट का भद्रा काल भी उपस्थित रहेगा.

रंगभरी एकादशी 2025 पर ऐसे करें व्रत और पूजन, पूरी होगी हर मनोकामना

आंवला एकादशी 2025 की तिथि और समय

  • एकादशी तिथि प्रारंभ – 9 मार्च 2025, सुबह 06:15 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त – 10 मार्च 2025, सुबह 06:14 बजे
  • व्रत रखने का दिन (उदयातिथि के अनुसार) – 10 मार्च 2025, सोमवार

इस बार बन रहे हैं तीन शुभ योग

  • सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 06:36 बजे से रात 12:51 बजे तक
  • शोभन योग – सुबह से दोपहर 1:57 बजे तक
  • पुष्य नक्षत्र – पूरे दिन सक्रिय रहेगा, रात 12:51 बजे समाप्त होगा

पूजा का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:59 बजे से 5:48 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:08 बजे से 12:55 बजे तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग प्रारंभ – सुबह 6:36 बजे से

ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है, विशेष रूप से जब यह शोभन योग के साथ होता है, जो जीवन में समृद्धि और सफलता का प्रतीक है.

व्रत पारण (उपवास खोलने) का सही समय

व्रत समाप्त करने की प्रक्रिया को पारण कहा जाता है. शास्त्रों के अनुसार, द्वादशी तिथि में पारण करना अनिवार्य है, किंतु हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) के दौरान व्रत का उल्लंघन नहीं करना चाहिए. सर्वोत्तम समय प्रात:काल होता है, जबकि मध्यान्ह में पारण करने से परहेज करना चाहिए.

  • व्रत पारण का समय – 11 मार्च 2025
  • पारण मुहूर्त – सुबह 06:11 बजे से 06:43 बजे तक
  • द्वादशी समाप्ति का समय – सुबह 06:43 बजे

आंवला एकादशी का महत्व

आंवला एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है. इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करना और आंवला का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है. जो लोग इस दिन विधिपूर्वक व्रत करते हैं, उन्हें समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola