Durga Ji Ki Aarti: सुबह, शाम या ब्रह्म मुहूर्त—आरती करने का शुभ समय क्या है?

Updated at : 26 Jan 2026 12:39 PM (IST)
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Durga Ji Ki Aarti

दुर्गा जी की आरती का पाठ करना कब सही

Durga Ji Ki Aarti: दुर्गा जी की आरती सुबह और शाम दोनों समय की जा सकती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह की आरती सकारात्मक ऊर्जा देती है, जबकि शाम की आरती नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती है. नवरात्रि में दोनों समय आरती करना विशेष फलदायी माना जाता है.

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Durga Ji Ki Aarti: दुर्गा जी की आरती करने का कोई एक तय समय नहीं होता. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह और शाम दोनों समय आरती करना शुभ माना जाता है. सुबह की आरती दिन की शुरुआत अच्छे विचारों और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करती है, जबकि शाम की आरती मन को शांति देती है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। नवरात्रि में सुबह और शाम दोनों समय आरती करने से विशेष फल मिलता है.

दुर्गा जी की आरती करने का शुभ समय

धार्मिक परंपराओं के अनुसार आरती के ये समय अच्छे माने जाते हैं:

सुबह (ब्रह्म मुहूर्त)

इस समय आरती करने से मन शांत रहता है और दिन अच्छा गुजरता है.

शाम (संध्याकाल)

सूर्यास्त के बाद आरती करना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस समय देवी की कृपा जल्दी मिलती है.

नवरात्रि में

नवरात्रि के दिनों में सुबह और शाम दोनों समय आरती करना बहुत लाभकारी माना जाता है.

आरती में क्या-क्या होना चाहिए?

आरती की थाली में ये चीजें रखें

  • दीपक: गाय के घी का दीपक
  • रोली और चावल: तिलक के लिए
  • धूप या अगरबत्ती: पूजा की खुशबू के लिए
  • फूल: लाल या पीले फूल, जैसे गुलाब या गुड़हल
  • कपूर: आरती के अंत में
  • घंटी या शंख: पूजा के समय बजाने के लिए
  • जल: साफ पानी

मां दुर्गा को कौन-सा प्रसाद चढ़ाएं?

ये भी पढ़ें: दुर्गा जी की आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय अम्बे गौरी… शक्ति की देवी Durga Ji Ki Aarti

माँ दुर्गा को ये प्रसाद बहुत प्रिय माने जाते हैं:

  • खीर और हलवा
  • पंचमेवा: बादाम, काजू, किशमिश, मखाना और छुहारे
  • फल: सेब और अनार
  • मिठाई: बताशे या नारियल की मिठाई
  • नारियल: इसे बहुत शुभ माना जाता है
  • आरती करते समय ध्यान रखने वाली बातें
  • मन शांत रखें और पूरे मन से पूजा करें
  • पूजा के समय गुस्सा या बुरे विचार न रखें
  • सच्ची श्रद्धा से की गई आरती जरूर फल देती है

दुर्गा जी की आरती सुबह, शाम या ब्रह्म मुहूर्त—किसी भी समय की जा सकती है। सबसे जरूरी है भक्ति, साफ मन और विश्वास। इसी से माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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