मलमास 15 से, 1 माह नहीं होंगे मांगलिक कार्य, शुक्र और गुरु अस्त होने से नवंबर-दिसंबर में भी नहीं कोई विवाह मुहूर्त

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कार्तिक एकादशी एकमात्र अबूझ मुहूर्त है
मलमास यानी अधिमास की शुरुआत 15 मई से हो रही है. इसके शुरू होते ही पूरे एक महीने तक शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यों में ब्रेक लग जायेगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मलमास को अधिमास (पुरुषोत्तम मास) भी कहते हैं.
इसके लगते ही पूरे एक महीने 15 मई से 15 जून तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे. वहीं, अधिमास और शुक्र अस्त होने के कारण अक्तूबर-नवंबर से दिसंबर में भी विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा. इस अवधि में कार्तिक एकादशी (देव प्रबोधिनी एकादशी) एकमात्र स्वयं सिद्धि (अबूझ) मुहूर्त है.
कथा श्रवण के लिए उत्तम
पंडित प्रेम सागर पांडेय ने बताया कि इस साल 15 मई से अधिमास यानि पुरुषोत्तम मास शुरू होगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य हर 30 दिन यानि एक महीने बाद राशि परिवर्तन करता है. 12 महीनों में यह 12 राशियों पर विचरण करता है.
जिस साल जिस महीने में सूर्य दूसरे राशि में नहीं जाता है यानी सूर्य की संक्रांति नहीं होने पर मलमास यानी अधिमास पड़ता है. यह प्रत्येक तीन साल पर लगता है. इस बार मलमास 15 मई को शाम 5 बजकर 24 मिनट के बाद से शुरू हो रहा है.
5 बजकर 24 मिनट तक अमावस्या है. प्रतिपदा शुरू होते ही मलमास लग जायेगा, जो 13 जून तक रहेगा. सभी देवी देवता एक महीने तक राजगीर में रहने चले जाते हैं. पुरुषोत्तम मास में मांगलिक कार्य वर्जित माना गया है. यह अवधि केवल धार्मिक कार्य, पुण्य, तीर्थ यात्रा, कथा श्रवण ब्राह्मण भोज आदि धर्म सेवा के लिए ही विशेष उत्तम मानी गयी है.
पंडित प्रेम सागर पांडेय ने बताया कि 17 से 31 अक्तूबर तक शुक्र अस्त रहेगा. 12 नवंबर से 7 दिसंबर तक गुरु अस्त रहने से विवाह के योग नहीं बनेंगे. शुक्र और गुरु अस्त होने से अक्तूबर-नवंबर व दिसंबर में विवाह मुहूर्त नहीं है. 13 नवंबर से कार्तिक शुक्ल षष्ठी से गुरु अस्त रहेंगे. सात दिसंबर अमावस्या को गुरु उदय होंगे. इसके बाद 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में शाम 6.49 मिनट पर प्रवेश के साथ खरमास शुरू हो जायेगा, जो 14 जनवरी तक रहेगा. इस बीच भी शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे.
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