झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट से कहा- अब नये सॉफ्टवेयर से पास होगा मकान का नक्शा, ट्रायल रन शुरू

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एक सप्ताह तक इसका ट्रायल किया जायेगा. यदि सॉफ्टवेयर का ट्रायल सफल रहता है, तो पूरे राज्य में नक्शा पास करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने दो अगस्त की तिथि निर्धारित की.

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झारखंड हाइकोर्ट ने रांची नगर निगम और रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) में नक्शा पास करने के लिए 20 से लेकर 30 रुपये प्रति वर्गफीट अवैध राशि वसूली को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज मामले की सुनवाई की. जस्टिस एस चंद्रशेखर व जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष सुना. बताया गया कि 25 जुलाई को नक्शा पास करनेवाला नया ऑटो डीसीआर सॉफ्टवेयर ऑनलाइन चलने लगेगा.

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एक सप्ताह तक इसका ट्रायल किया जायेगा. यदि सॉफ्टवेयर का ट्रायल सफल रहता है, तो पूरे राज्य में नक्शा पास करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. इसके बाद खंडपीठ ने रांची नगर निगम व आरआरडीए को शपथ पत्र के माध्यम से लंबित भवन प्लान (नक्शा) से संबंधित जानकारी देने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने दो अगस्त की तिथि निर्धारित की.

इससे पूर्व रांची नगर निगम की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव व आरआरडीए की ओर से अधिवक्ता प्रशांत कुमार सिंह ने पैरवी की. वहीं, राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने खंडपीठ को बताया कि नया ऑटो डीसीआर सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है, जो 25 जुलाई को ऑनलाइन हो जायेगा तथा ट्रायल शुरू कर दिया जायेगा. मामले में सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि प्रभात खबर में 29 नवंबर 2022 को अवैध वसूली को लेकर प्रकाशित खबर को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसे रिट याचिका में तब्दील कर दिया था.

यह है मामला :

भवन का नक्शा पास कराना एक जटिल प्रक्रिया बन गयी थी. भवनों के नक्शा स्वीकृति के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा अवैध राशि की मांग की जाती है. अवैध राशि नहीं देने पर नक्शा स्वीकृत नहीं किया जाता है. नक्शा लंबित रहता है. छोटा मकान के लिए 30 से 50,000 रुपये तथा अपार्टमेंट का नक्शा पास करने के लिए 20-30 रुपये प्रति वर्ग फीट राशि वसूला जाता है.

पांच चरण में नक्शे पास करेगा सॉफ्टवेयर

राज्य के शहरों में नक्शा स्वीकृति की लागू प्रक्रिया सरल कर दी गयी है. नगर विकास विभाग ने नक्शा स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया 30 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य लेकर सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव किया है. सॉफ्टवेयर का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है. नक्शों को पांच चरणों में स्वीकृति प्रदान की जायेगी. सॉफ्टवेयर में आर्किटेक्ट द्वारा स्वीकृत नक्शा वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद सात दिनों के अंदर सत्यापन कर लिया जायेगा. इसके बाद जेइ साइट विजिट कर अपनी रिपोर्ट भी तैयार कर लेंगे.

कागजात दुरुस्त रहने पर यदि भवन प्लान का नक्शा स्वीकृति के लायक रहा, तो उसे अगले चरण में भेजा जायेगा. वरना, नक्शा अस्वीकृत कर दिया जायेगा. स्वीकृति करने लायक नक्शों को केवल तीन अधिकारियों के पास भेजा जायेगा. लीगल ऑफिसर, टाउन प्लान और सबसे अंत में नगर निगम के सीइओ या प्राधिकार के उपाध्यक्ष के पास ही फाइल जायेगी. उनको तीन दिनों के अंदर नक्शों को स्वीकृति प्रदान करना होगा.

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