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Jharkhand: ईडी ने विशेष अदालत को दी जानकारी, हिरासत में रह कर गवाहों को प्रभावित कर रहा पंकज मिश्रा

Updated at : 30 Oct 2022 8:12 AM (IST)
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Jharkhand: ईडी ने विशेष अदालत को दी जानकारी, हिरासत में रह कर गवाहों को प्रभावित कर रहा पंकज मिश्रा

आरोपी पंकज मिश्रा जेल में बंद है. न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी वह फोन पर अधिकारियों से बात करता है. सबूतों को नष्ट करने का प्रयास कर रहा है और गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास काम कर रहा है. इसलिए उसकी जमानत नहीं होनी चाहिए. यह जानकारी ईडी के विशेष लोक अभियोजक अतिश कुमार ने अदालत को दी.

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Jharkhand News: आरोपी पंकज मिश्रा जेल में बंद है. न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी वह फोन पर अधिकारियों से बात करता है. सबूतों को नष्ट करने का प्रयास कर रहा है और गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास काम कर रहा है. इसलिए उसकी जमानत नहीं होनी चाहिए. जांच में पंकज मिश्रा के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग करने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं. उसका संबंध प्रेम प्रकाश से है. जांच में उसकी संलिप्तता पायी गयी है. अवैध कमाई से प्राप्त राशि की मनी लाउंड्रिंग की गयी है. यह जानकारी ईडी के विशेष लोक अभियोजक अतिश कुमार ने जमानत का विरोध करते हुए शनिवार को अदालत को दी.

नौ नवंबर को होगी अगली सुनवाई

ईडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में आरोपी पंकज मिश्रा व बच्चू यादव की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की गयी. दोनों लभगग 1000 करोड़ के अवैध खनन से जुड़ी मनी लॉउंड्रिंग केस के आरोपी हैं. सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा कि वह इस बिंदु पर जवाब दायर करना चाहता है. इसके लिए उसे समय दिया जाये. अदालत ने ईडी के आग्रह स्वीकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी. साथ ही अगली सुनवाई के लिए नौ नवंबर की तिथि निर्धारित की.

मनी लाउंड्रिंग के आरोपियों की हिरासत की अवधि बढ़ी

ईडी की विशेष अदालत में शनिवार को मनी लाउंड्रिंग के आरोपियों की पेशी हुई. विशेष अदालत ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी. राजीव कुमार और अमित अग्रवाल की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ाते हुए अगली पेशी के लिए 11 नवंबर की तिथि तय की गयी. पूजा सिंघल, सीए सुमन कुमार और बर्खास्त जूनियर इंजीनियर राम बिनोद प्रसाद सिन्हा की न्यायिक हिरासत अवधि दो नवंबर तक बढ़ा दी गयी है. पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश और बच्चू यादव की न्यायिक हिरासत अवधि विशेष अदालत ने पांच नवंबर तक बढ़ा दी है. सभी होटवार जेल में बंद हैं.

दाहू व सुनील के खिलाफ गैर जमानती वारंट

ईडी की विशेष अदालत ने राजेश यादव उर्फ दाहू यादव व भाई सुनील यादव के खिलाफ शनिवार को गैर जमानती वारंट जारी किया. दोनों ही अवैध खनन से जुड़े मनी लॉउंड्रिंग व आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी हैं. दोनों आरोपी ईडी की पूछताछ के बाद से फरार चल रहे हैं. अदालत ने उक्त आदेश ईडी की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए दी. ईडी द्वारा अवैध खनन से जुड़े मनी लॉउंड्रिंग मामले के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत केस की भी जांच की जा रही है.

पहले भी हो चुकी है पूछताछ

पूर्व में ईडी ने पूछताछ के लिए आरोपियों को बुलाया था. आरोपियों ने उपस्थित होकर बयान दर्ज भी कराया. फिर बीमारी का बहाना बनाकर चले गये. उसके बाद से दोनों इडी के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहे थे. उपस्थित होने के लिए इडी ने तीन-तीन बार समन जारी किया था. उल्लेखनीय है कि फरार आरोपी दाहू यादव व सुनील यादव के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी करने के लिए इडी ने विशेष अदालत में आवेदन दिया था. आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने वारंट जारी करने की अनुमति दी.

अमित व राजीव के खिलाफ अदालत ने लिया संज्ञान

मनी लाउंड्रिंग मामले में आरोपी अधिवक्ता राजीव कुमार और कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल के खिलाफ इडी के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने संज्ञान लिया है. ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर अदालत ने सुनवाई करते हुए यह कदम उठाया है. अधिवक्ता के पास से 50 लाख रुपये बरामदगी मामले में ईडी ने मनी लाउंड्रिंग का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया था. इसमें अधिवक्ता के साथ कारोबारी को भी आरोपी बनाया गया है. गौरतलब है कि कोलकाता के कारोबारी ने अपने आवास व कार्यालय से संबंधित थाना क्षेत्र के बाहर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. ईडी की चार्जशीट में बताया गया है कि हाइकोर्ट में लंबित एक पीआइएल को मैनेज करने के नाम पर अधिवक्ता और कारोबारी के बीच पैसा का लेन-देन हुआ था. 31 जुलाई को कोलकाता पुलिस ने 50 लाख रुपये के साथ अधिवक्ता को कोलकाता के एक मॉल से गिरफ्तार किया था. उस वक्त मॉल के अंदर सोनू अग्रवाल अधिवक्ता के पुत्र के साथ मॉल के अंदर ही मौजूद था. सोनू मामले में सरकारी गवाह बन गया है.

ईडी ने बताया : पीपी की राजनीतिक पैठ गहरी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने 1000 करोड़ रुपये के अवैध खनन से जुड़ी मनी लाउंड्रिंग के मामले में सुनवाई के बाद प्रेम प्रकाश को जमानत देने से इनकार कर दिया. इससे पूर्व प्रेम प्रकाश की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिन्हा ने अदालत को बताया कि उनके खिलाफ मनी लाउंड्रिंग का कोई केस नहीं बनता है. ईडी के विशेष लोक अभियोजक अतिश कुमार ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि प्रार्थी के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग करने के साक्ष्य मिले हैं. अवैध खनन से जुड़े मामले के आरोपी पंकज मिश्रा से प्रार्थी का संबंध है. जांच में इनकी संलिप्तता साबित हुई है. छापेमारी के दौरान इनके आवास से दो एके-47 हथियार जब्त हुए. इनकी राजनीति पैठ काफी गहरी है. प्रेम प्रकाश 25 अगस्त से न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में बंद है.

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Rahul Kumar

लेखक के बारे में

By Rahul Kumar

Senior Journalist having more than 11 years of experience in print and digital journalism.

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