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झारखंड के 27000 युवाओं का भविष्य संवारेगी हेमंत सोरेन सरकार की एकलव्य प्रशिक्षण योजना, खर्च 190 करोड़

Updated at : 28 Dec 2022 4:53 PM (IST)
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झारखंड के 27000 युवाओं का भविष्य संवारेगी हेमंत सोरेन सरकार की एकलव्य प्रशिक्षण योजना, खर्च 190 करोड़

Hemant Soren Govt @ 3 Years: ‘एकलव्य प्रशिक्षण योजना’ के तहत 25 चुने हुए कोचिंग संस्थानों में 27000 विद्यार्थी मुफ्त में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे. लाभार्थियों की स्क्रीनिंग संयुक्त चयन परीक्षा के माध्यम से की जायेगी.

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Hemant Soren Govt @ 3 Years: हेमंत सोरेन सरकार 29 दिसंबर 2022 को तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लेगी. इस दौरान सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाएं पेश की हैं. ऐसी ही एक योजना है ‘एकलव्य प्रशिक्षण योजना’. सरकार का कहना है कि झारखंड के युवाओं का भविष्य संवारने में यह योजना कारगर साबित होगी. इस योजना पर सरकार 190.05 करोड़ रुपये प्रति वर्ष खर्च करेगी. सरकारी परीक्षा की तैयारी करने वाले झारखंड के 27,000 युवाओं को इसका लाभ मिलेगा.

मुफ्त में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे विद्यार्थी

इस योजना के तहत 25 चुने हुए कोचिंग संस्थानों में झारखंड के अलग-अलग हिस्से से चुने गये कुल 27,000 विद्यार्थियों की मुफ्त में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायी जायेगी. लाभार्थियों की स्क्रीनिंग राज्य स्तरीय सरकारी संस्थान अथवा राष्ट्रीय स्तर के किसी उत्कृष्ट निजी एजेंसी के द्वारा आयोजित संयुक्त चयन परीक्षा के माध्यम से की जायेगी.

इन परीक्षाओं की तैयारी कर पायेंगे झारखंड के युवा

झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस-राष्ट्रीय जनता दल के गठबंधन वाली महागठबंधन सरकार ने कहा है कि झारखंड के युवाओं का भविष्य संवारने के लिए उचित माध्यम प्रदान किया जायेगा. इस योजना के माध्यम से झारखंड के आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक एवं गरीब विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), झारखंड लोक सेवा आयोग (जेएसएससी), केंद्रीय/झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और विभिन्न भर्ती एजेंसियों मसलन बैंकिंग/रेलवे भर्ती बोर्ड आदि के द्वारा ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ ग्रेड में होने वाली भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने की व्यवस्था झारखंड सरकार की ओर से की जायेगी.

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एकलव्य प्रशिक्षण योजना के बारे में सब कुछ यहां जानें

हेमंत सोरेन सरकार का यह भी कहना है कि ‘एकलव्य प्रशिक्षण योजना’ के जरिये उनकी सरकार सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करने वाले बच्चों के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था करेगी. इस योजना का लाभ प्रति वर्ष राज्य के कम से कम 27,000 विद्यार्थियों को मिलेगा. सरकार यूपीएससी की संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए 1,000 विद्यार्थियों को कोचिंग करवायेगी, जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए 2,000 विद्यार्थियों का चयन किया जायेगा. इस योजना के तहत 2,000 बच्चों को बैंक पीओ की परीक्षा की तैयारी करने का मौका मिलेगा, जबकि 5,000 बच्चे बैंक क्लर्क की परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे. रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा और कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा की तैयारी के लिए प्रति वर्ष 8,500-8,500 बच्चों का चयन योजना के तहत किया जायेगा.

शत-प्रतिशत ट्यूशन फीस का भुगतान करेगी झारखंड सरकार

कोचिंग संस्थानों को विद्यार्थियों की संख्या एवं कोचिंग सत्र की अवधि के आधार पर शत-प्रतिशत ट्यूशन फीस का भुगतान सरकार की ओर से किया जायेगा. इतना ही नहीं, हर लाभार्थी को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान प्रति माह 2,500 रुपये की सहायता राशि का भी भुगतान किया जायेगा. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिये ये पैसा सीधे लाभार्थी के अकाउंट में भेज दिया जायेगा.

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‘एकलव्य प्रशिक्षण योजना’ का कौन ले सकेंगे लाभ

  • ‘एकलव्य प्रशिक्षण योजना’ के लिए वे सभी विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने झारखंड राज्य में स्थित किसी भी मान्यताप्राप्त शिक्षण संस्थान से 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा पास की है. हालांकि, झारखंड राज्य की आरक्षण नीति का जिन लोगों को लाभ मिल सकता है, वैसे लोगों के लिए इस शर्त में ढील रहेगी.

  • योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले के परिवार की आय आयकर सीमा के दायरे में न हो.

  • विद्यार्थी जिस क्षेत्र की कोचिंग करना चाहते हैं, उसकी अर्हता को अनिवार्य रूप से पूरा करते हों.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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