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गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिए हेमंत सोरेन सरकार लायी झारखंड गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना

Updated at : 28 Dec 2022 6:20 PM (IST)
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गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिए हेमंत सोरेन सरकार लायी झारखंड गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना

Hemant Soren Govt @ 3 Years: गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य झारखंड राज्य के बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है. सरकार की इस योजना से वैसे बच्चे जो पहले धन के अभाव में उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाते थे, अब उससे वंचित नहीं रहेंगे.

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Hemant Soren Govt @ 3 Years: झारखंड में शिक्षा को विस्तार देने और गरीब परिवार के विद्यार्थियों (छात्र-छात्राओं) को आर्थिक मदद देने के लिए हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) की सरकार कई पहल कर रही है. 10वीं और 12वीं पास गरीब परिवार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर दे रही है, ताकि बच्चे इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईआईटी, आईआईएम, लॉ आदि के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल कर सकें. इसके लिए सरकार ने ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ (Guruji Student Credit Card) की शुरुआत होगी. इसके लिए सरकार 200 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनायेगी.

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य झारखंड राज्य के बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है. सरकार की इस योजना से वैसे बच्चे जो पहले धन के अभाव में उच्च शिक्षा (Higher Education) हासिल नहीं कर पाते थे, अब उससे वंचित नहीं रहेंगे. गुरुजी क्रेडिट कार्ड के जरिये वे अपना भविष्य गढ़ने का सपना साकार कर सकेंगे.

उच्च शिक्षा के लिए बिना गारंटी के मिलेगा कर्ज

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने कहा है कि झारखंड राज्य में मान्यताप्राप्त शिक्षण संस्थानों से 10वीं एवं 12वीं की पढ़ाई करने वाले (डिप्लोमा छात्रों के लिए 10वीं कक्षा उत्तीर्ण) विद्यार्थियों के लिए ऋण की व्यवस्था की जायेगी. इसी उद्देश्य से गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है. बच्चों को गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड दिया जायेगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई के लिए आसानी से कर्ज ले सकें.

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गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की खूबियां

  • गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को अधिकतम 15 लाख रुपये का कर्ज मिलेगा. उन्हें बैंकों के जरिये लोन उपलब्ध कराया जायेगा. इस राशि का अधिकतम 30 फीसदी नन-इंस्टीट्यूशनल कार्यों (रहने-खाने के खर्च सहित) के लिए मिलेगा. छात्रों को इसके लिए महज 4 फीसदी का ब्याज ही चुकाना होगा.

  • सरकार ने कहा है कि विद्यार्थियों को 4 फीसदी सिंपल रेट ऑफ इंटरेस्ट चुकाना होगा. बाकी के ब्याज का पैसा इंटरेस्ट सबवेंशन के रूप में राज्य सरकार चुकायेगी. यानी राज्य सरकार गारंटर की भूमिका में रहेगी.

  • लोन लेने के लिए छात्रों को किसी प्रकार के कोलैटरल सिक्यूरिटी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लोन की राशि को विद्यार्थी 15 साल में चुका सकेंगे.

  • बच्चे जो लोन लेंगे, उस पर ब्याज की गणना साधारण ब्याज की दर पर की जायेगी. यह ऋण की पूरी अवधि तक फिक्स्ड रहेगी.

  • विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लोन लेने के लिए बैंक को किसी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस नहीं देनी होगी.

  • झारखंड सरकार राज्य के भीतर और अन्य राज्यों में देश के वैसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों का चयन करेगी, जो पिछले एनआईआरएफ की लिस्ट में ओवरऑल 200 क्रम संख्या के अंदर अथवा संस्थान की संबंधित श्रेणी में एनआईआरएफ की सूची में टॉप 100 में आते हों अथवा एनएएसी से ‘ए’ श्रेणी या उससे ऊपर का दर्जा प्राप्त हो.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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