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रांची : राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने 160 किस्म के आम देखे, बोले-वैज्ञानिक व किसानों का है आजादी का शताब्दी वर्ष

Updated at : 07 Jun 2023 6:53 PM (IST)
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रांची : राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने 160 किस्म के आम देखे, बोले-वैज्ञानिक व किसानों का है आजादी का शताब्दी वर्ष

राजधानी रांची के प्लांडू स्थित आईसीएआर के पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र में आम महोत्सव में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन शामिल हुए. इस दौरान 160 किस्म के आम को देखकर भाव-विभोर हुए. इस मौके पर कहा कि आजादी का शताब्दी वर्ष किसान और वैज्ञानिकों का है.

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नामकुम (रांची), राजेश वर्मा : राजधानी रांची के पलांडू स्थित आईसीएआर के पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र में आयोजित आम महोत्सव सह किसान मेला में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने शिरकत की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि आम महोत्सव सिर्फ मीठे एवं स्वादिष्ट आमों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह देश के किसान एवं वैज्ञानिकों के समर्पण एवं प्रयासों का उत्सव है. कृषि हमारे देश एवं राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. हम अभी शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर हैं. शताब्दी वर्ष देश के किसानों एवं वैज्ञानिकों का है. हमारे अन्नदाता किसानों की खुशी एवं समृद्धि से समृद्ध झारखंड का निर्माण हो सकता है. हम सभी को किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी.

नये उत्पादों को लोकप्रिय बनाने में कारगर होगा महोत्सव

राज्यपाल महोदय ने कहा कि उपलब्ध जैव विविधता के कारण विभिन्न फलों, सब्जियों एवं उन्नत किस्म के बीजों को विकसित करने की संभावना है. आम उत्सव आम की नई किस्म, अत्याधुनिक तकनीक एवं नए उत्पादों को लोकप्रिय बनाने में सिद्ध होगा. उन्होंने अलफांसो आम की तरह मालदा, आम्रपाली, जर्दालु आम की किस्म को विकसित कर राष्ट्रीय पहचान दिलाने की बात कही. संबोधन से पूर्व राज्यपाल ने फीता काटकर आम प्रदर्शनी एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. प्रदर्शनी में विभिन्न किस्मों के आम को देखा एवं जानकारी ली. वहीं, संस्थान परिसर में राज्यपाल ने रुद्राक्ष का पौधारोपण किया.

जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती है : डॉ सुरेश कुमार चौधरी

विशिष्ट अतिथि आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ सुरेश कुमार चौधरी ने कहा कि देश सभी विविधताओं से भरा है. जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती है जिससे फल एवं सब्जियां तथा फसल सबसे प्रभावित करता है. वैदिक काल से आम का जिक्र है. आम संस्कृति, समाज, परंपरा और आस्था से जुड़ा है. पूरे विश्व का 50 फीसदी आम भारत में उत्पादित होता है जो गर्व की बात है.

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जागरूक होकर लें योजनाओं का लाभ : अब्बू बक्कर सिद्दीक

कृषि एवं सहकारिता सचिव अब्बू बक्कर सिद्दीक ने कहा कि राज्य में काफी खनिज है. मुख्य कार्य खेती है. 100 हेक्टर भूमि पर सब्जी एवं फल उत्पादित होता है. किसान मेहनती हैं. महिला किसान ज्यादा जागरूक एवं मेहनती हैं. केंद्र एवं राज्य सरकार कृषि के क्षेत्र में कई लाभकारी योजनाएं चला रहें हैं. साथ ही राज्य में आईसीएसई के कई बड़े अनुसंधान केंद्र हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में किसान लाभ नहीं ले पा रहे हैं. उन्होंने किसानों से जागरूक होकर लाभ लेने की अपील की. इस दौान आईसीएआर, पटना के निदेशक डॉ अनूप दास ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान एवं कार्यक्रम की चर्चा की.

उत्कृष्ट वैज्ञानिक और किसान सम्मानित

उत्कृष्ट किसान, आम उत्पादक महिलौंग निवासी श्रवण कुमार सहित 16 किसान और उत्कृष्ट वैज्ञानिक को राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया गया. अतिथियों ने आम उत्पादन में सुधार की नई तकनीकी एवं अनुसंधान केंद्र, रांची एक नजर में पुस्तक का विमोचन किया.

160 किस्म के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई

इस मौके पर 160 किस्म के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई. उद्घाटन के बाद उपस्थित लोग और किसानों ने आम की विभिन्न किस्मों को देखा. लीची आम, केला आम, रोसरी, आमनी, कच्चा मीठा, बैंगनी आम आकर्षण का केंद्र रहा. मौके पर डॉ सुजय रक्षित, डॉ अभिजीत कर, डॉ शशिभूषण चौधरी, डॉ अनूप दास, डॉ शिवेंद्र कुमार, पलांडू केंद्र के प्रधान डॉ अरुण कुमार सिंह सहित 350 किसान उपस्थित थे.

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