Explainer: 32 साल, 5 ODI-2 T20 विश्वकप के सेमीफाइनल में हार के बाद दक्षिण अफ्रीका फाइनल में

दक्षिण अफ्रीका ने 2023 तक आईसीसी विश्वकप का फाइनल नहीं खेला था, जबकि उनकी टीम में जैक कैलिस, हर्शल गिब्स, कैरी कर्स्टन, एबी डिविलियर्स, हाशिम अमला, एलेन डोनाल्ड, डेल स्टेन, एम मार्केल और रबाडा जैसे खिलाड़ी मौजूद थे. 2012 में दक्षिण अफ्रीका की टीम क्रिकेट के तीनों फाॅर्मेट में नंबर वन टीम रही थी.
South Africa : बर्मिंघम के क्रिकेट ग्राउंड पर 17 जून 1999 को विश्वकप के दूसरे सेमीफाइनल में 49.3 ओवर का मैच हो चुका था, तीन बाॅल शेष थे और एक रन बनाना था डेमियन फ्लेमिंग गेंदबाजी कर रहे थे और बैटर थे लांस क्लूजनर, उन्होंने शाॅट खेला और रन के लिए दौड़ गए, लेकिन नाॅन स्ट्राइक एंड पर खड़े एलन डोनाल्ड दौड़े ही नहीं, जबतक वे दौड़े गेंद फील्डर की हाथों में थी, स्टंप उखड़ गया था और दक्षिण अफ्रीका की टीम ऑलआउट हो गई, जबकि दो गेंद शेष थे.
इस तरह सात बार विश्वकप के सेमीफाइनल में हार का सामना करने के बाद दक्षिण अफ्रीका टी20 विश्वकप 2024 के फाइनल में पहुंची है. यह ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के जैसी बैलेंस और मजबूत टीम आज तक किसी भी आईसीसी विश्वकप के फाइनल में नहीं पहुंची थी. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दक्षिण अफ्रीका की टीम फाइनल मुकाबला जीत पाएगी?
दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट की शुरुआत कैसे हुई?

दक्षिण अफ्रीका की टीम विश्व के मानचित्र में तीसरी ऐसी टीम है जिसने 1889 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. उनसे पहले मात्र दो देश इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ही क्रिकेट खेलते थे. लेकिन उनकी शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही और उन्हें एक टेस्ट मैच जीतने में 17 साल लग गए थे. उस दौरान दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट का विस्तार पूरे देश में नहीं था.
रंगभेद की नीति की वजह से दक्षिण अफ्रीका लगभग दो दशकों तक क्रिकेट जगत से बाहर रहा. दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 1991 में जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की तो क्रिकेट का विस्तार पूरे देश में हो चुका था और दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी मजबूत टीम बन चुकी थी. उस वक्त टीम के कप्तान थे क्लाइव राइस. हैंसी क्रोन्ये की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया और आज भी वह क्रिकेट की काफी अच्छी टीम मानी जाती है, जिसके बाॅलर और बैटर क्रिकेट जगत के महारथी हैं.
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जैक कैलिस, हर्शल गिब्स, कैरी कर्स्टन, एबी डिविलियर्स, हाशिम अमला, एलेन डोनाल्ड, डेल स्टेन, एम मार्केल और रबाडा जैसे खिलाड़ियों के टीम में रहने के बावजूद आज तक इस टीम ने कोई भी आईसीसी विश्वकप का फाइनल ना तो खेला और ना ही जीता. 2012 में दक्षिण अफ्रीका की टीम क्रिकेट के तीनों फाॅर्मेट में नंबर वन टीम रही थी.
साउथ अफ्रीका पर क्यों लगा चोकर्स का ठप्पा?

दक्षिण अफ्रीका की टीम ओडीआई और टी20 फाॅर्मेट में अबतक आठ बार सेमीफाइनल मुकाबला खेल चुकी है, लेकिन मात्र एक बार ही उसे सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने का मौका मिला है. दक्षिण अफ्रीका की टीम ने पहली बार 1992 में 50 ओवरों के सेमीफाइनल में प्रवेश किया. लेकिन उसे इंग्लैंड के हाथों 19 रन से हार का सामना करना पड़ा.
दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 1999 में सेमीफाइनल खेला, लेकिन वह ऑस्ट्रेलिया की टीम को शिकस्त नहीं दे पाई और मैच टाई हो गया. लेकिन प्वाइंट टेबल में बेहतर स्थिति की वजह से ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में जगह मिली. 2007 में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला हुआ अफ्रीका सात विकेट से पराजित हो गया. 2015 में दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खेला, लेकिन चार विकेट से मैच हार गई. 2023 में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेला और तीन विकेट से मैच हार गई.
2009 के टी20 विश्वकप में दक्षिण अफ्रीका का मुकाबला पाकिस्तान से हुआ और मात्र सात रन से टीम हार गई. उसके बाद 2014 में दक्षिण अफ्रीका की टीम सेमीफाइनल में भारत से भिड़ी और भारत नेे छह विकेट से उसे हरा दिया.
| टूर्नामेंट | विरोधी टीम | परिणाम |
| ओडीआई विश्वकप 1992 | इंंग्लैंड | 19 रन से हार |
| ओडीआई विश्वकप 1999 | ऑस्ट्रेलिया | टाई |
| ओडीआई विश्वकप 2007 | ऑस्ट्रेलिया | सात विकेट से हार |
| ओडीआई विश्वकप 2015 | न्यूजीलैंड | चार विकेट से हार |
| ओडीआई विश्वकप | ऑस्ट्रेलिया | तीन विकेट से हार |
| टूर्नामेंट | विरोधी टीम | परिणाम |
| टी20 विश्वकप 2009 | पाकिस्तान | सात रन से हार |
| टी20 विश्वकप 2014 | भारत | छह विकेट से हार |
क्या दक्षिण अफ्रीका ने जीता है कोई आईसीसी टूर्नामेंट?
दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अबतक सिर्फ 1998 में चैपियंस ट्राॅफी जीता है, जिसका आयोजन बांग्लादेश में किया गया था. इसके अलावा कोई भी बड़ा टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका ने नहीं जीता है. यहां तक कि 2007 में आईसीसी विश्वकप का आयोजन करने के बावजूद, दक्षिण अफ्रीका सुपर आठ के स्टेज से ऊपर नहीं जा पाई थी. इस प्रदर्शन से उन्हें होम ग्राउंड में अपने दर्शकों की निराशा का सामना करना पड़ा था.
टी20 विश्वकप 2024 में कैसा है प्रदर्शन
टी-20 विश्वकप में दक्षिण अफ्रीका का अबतक का प्रदर्शन बहुत ही अच्छा रहा है. दक्षिण अफ्रीका की टीम ग्रुप 2 में थी, जिसमें उनके साथ इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और अमेरिका की टीम थी. दक्षिण अफ्रीका की टीम ने ग्रुप मुकाबलों में अपने तीनों मैच जीते थे और छह अंक अर्जित किए . अब सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को हराकर दक्षिण अफ्रीका की टीम फाइनल में पहुंची है.
दक्षिण अफ्रीका का उत्साह चरण पर
प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक अनुज सिन्हा ने बताया कि आज जो मैच खेला गया, उसमें बड़ी बात यह थी कि दक्षिण अफ्रीका पर जो एक मानसिक बैरियर था कि हम नहीं जीत पाएंगे, वह उससे उबर गई है. अब साउथ अफ्रीका चोकर्स नहीं रहा, क्योंकि वह फाइनल में पहुंच गया है. उनका उत्साह चरम पर है और यह बात तय है कि फाइनल मुकाबला जबरदस्त होगा. दक्षिण अफ्रीका ने एक तरह से भारत और इंग्लैंड दोनों को चेतावनी दे दी है कि सावधान हो जाओ हमारे गेंदबाज फाॅर्म में हैं.
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
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रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
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रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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