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Shefali Jariwala Death Reason : आजीवन जवान बने रहने की है चाहत, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से लें सलाह; कॉस्मेटोलॉजिस्ट से नहीं

Updated at : 01 Jul 2025 6:14 PM (IST)
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Shefali Jariwala

शेफाली जरीवाला

Shefali Jariwala Death Reason : शेफाली जरीवाला की मौत कैसे हुई? यह बड़ा सवाल आज देश के सामने है. शेफाली की मौत के कारणों में से एक यह निकलकर सामने आ रहा है कि वो खुद को जवान रखने के लिए कई तरह की दवाइयां लेती थीं, जिसका गलत प्रभाव उनकी सेहत पर पड़ा. इसमें कोई दो राय नहीं है कि इंसान बूढ़ा नहीं होना चाहता है, खासकर ग्लैमर वर्ल्ड के लोग. जवानी को बरकरार रखने की चाहत में ही च्यवनप्राश,रेसवेराट्रोल और स्टेम सेल थेरेपी जैसे आविष्कार हुए हैं. बुढ़ापे को मात देने की चाहत कभी-कभार इतनी नुकसानदेह होती है कि जान पर बन आती है.

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Shefali Jariwala Death Reason : ‘कांटा लगा गर्ल’ शेफाली जरीवाला की 27 जून की रात को जब अचानक मौत हुई, तो पूरा देश चौंक गया. इतनी सुंदर और फिट माॅडल की अचानक मौत ने कई सवाल खड़े किए. सभी यह जानना चाहते थे कि आखिर कैसे इस खूबसूरत माॅडल की अचानक मौत हो गई. कई लोग तो अनहोनी की आशंका से भी ग्रसित थे, संभवत: उसी वजह से शेफाली जरीवाला के शव का पोस्टमार्टम भी हुआ. पुलिस जांच में अबतक जो बातें सामने आईं हैं, वो यही बताती हैं कि शेफाली जरीवाला की मौत कार्डिएक अरेस्ट से हुई है. जिस वक्त उनकी मौत हुई, उनका ब्लड प्रेशर काफी डाउन हो गया था.

शेफाली जरीवाला के साथ अंतिम घंटों में क्या हुआ

शेफाली जरीवाला के साथ अंतिम घंटों में क्या हुआ, इसकी जानकारी अब सामने आने लगी है. उनकी दोस्त पूजा घई ने उनके अंतिम घंटों के बारे में बात की है. पूजा ने बताया कि शेफाली के पति पराग त्यागी अपनी सोसाइटी में कुत्ते को टहला रहे थे, तभी उन्हें घर में काम वाली महिला ने फोन करके बताया कि शेफाली बेहोश हो गई है. वह भागकर ऊपर गए. वहां शेफाली बेहोश पड़ी थी. उसकी नब्ज चली रही थी, पर आंखें नहीं खुल रही थी और उसका शरीर पूरी तरह से बेजान हो चुका था. पराग को लगा कि जरूर कोई गड़बड़ है, तब वे उसे अस्पताल लेकर गए जहां उसे मृत बता दिया गया.

क्या जवान दिखने के लिए ली गई दवाइयां बनी मौत का कारण

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शेफाली जरीवाला की मौत कैसे हुई?

शेफाली की मौत की जो वजह सामने आई है, उसमें यह बताया गया है कि उसने पूजा के लिए उपवास रखा था, लेकिन उसने खाली पेट कुछ दवाइयां ली थीं. वहीं उनकी दोस्त पूजा घई यह भी बताती है कि शेफाली जरीवाला विटामिन सी का इंट्रावेनस इंजेक्शन भी लेती थीं. हालांकि वो इंजेक्शन नुकसान नहीं करता है, लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि शेफाली ने कुछ दवाइयां भी ली थीं. उनके घर से ग्लूटाथियोन की शीशियां मिली हैं. ग्लूटाथियोन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जिसका प्रयोग आमतौर चेहरे पर ग्लो लाने के लिए किया जाता है.

डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के बिना सौंदर्यवर्धक दवाओं का प्रयोग खतरनाक

शेफाली जरीवाला काफी खूबसूरत दिखती थीं और निश्चित तौर पर उन्होंने अपने सौंदर्य को बनाकर रखने के लिए कई उपाय किए होंगे. वो 42 साल की हो चुकी थीं, लेकिन देखने में वह काफी युवा लगती थीं. शेफाली की मौत की वजहों में से एक यह माना जा रहा है कि उन्होंने खाली पेट अत्यधिक दवाओं का सेवन किया, जिसकी वजह से उनका बीपी गिर गया और संभवत: कार्डिएक अरेस्ट हो गया. रिम्स के डर्मेटोलॉजिस्ट डाॅ प्रभात कुमार ने बताया कि जहां तक मेरी जानकारी है, शेफाली जरीवाला ने ग्लूटाथियोन लिया था. एक डर्मेटोलॉजिस्ट इन दवाओं का प्रयोग करता है, लेकिन पहले मरीज की पूरी जांच की जाती है. उसका ब्लड, शुगर और थाॅयराइड सब कुछ चेक किया जाता है. उसके बाद ही डाॅक्टर अपने मरीज को दवाइयां देते हैं. अगर कोई व्यक्ति डर्मेटोलॉजिस्ट की निगरानी के बिना कोई दवाई लेता है और उसे यह पता नहीं होता है, कितनी मात्रा में किसी दवाई को लेना है या कब और कैसे लेना है, तो वो खतरनाक हो सकता है. शेफाली जरीवाला के केस में शायद कुछ इसी तरह की बात रही होगी कि उन्होंने बिना डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के दवाइयां ली होंगी, जिसका गलत प्रभान उनकी सेहत पर पड़ा. जैसे आप यह समझिए कि हम विटामिन सी की गोली एक ग्राम का प्रयोग करने की सलाह अपने मरीज को देते हैं, लेकिन हम उन्हें यह बताते हैं कि पूरी दवा पानी में घोलकर लेना है. एक ही बार में पूरा नहीं लेना है, इत्यादि. अगर इस निर्देशों का पालन ढंग से ना किया जाए, तो गलत प्रभाव पड़ेगा ही.

डर्मेटोलॉजिस्ट की सुनें कॉस्मेटोलॉजिस्ट की नहीं

डाॅ प्रभात बताते हैं कि हमारे देश में कई लोग डर्मेटोलॉजिस्ट की बजाय कॉस्मेटोलॉजिस्ट के पास जाते हैं, जो सही तरीके से पढ़ाई करके नहीं आते हैं. उनके पास कुछ डिग्रियां होती हैं, लेकिन वे डर्मेटोलॉजिस्ट नहीं होते हैं. कॉस्मेटोलॉजिस्ट अपने क्लिनिक को काफी सजाकर रखते हैं और कई तरह के दावे भी करते हैं, जो कई बार सच नहीं होते हैं. लेकिन उनकी चकाचौंध में फंसकर इंसान अपना इलाज उनके पास कराते हैं और कई बार धोखा खाते हैं, जो उनके लिए खतरनाक होता है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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