ePaper

पंबन ब्रिज और रामसेतु का है रामेश्वरम से खास नाता, क्यों सरकार ने बनाई थी रामसेतु को तोड़ने की योजना

Updated at : 06 Apr 2025 6:07 PM (IST)
विज्ञापन
Ram Setu

रामसेतु

Ram Setu: भगवान राम ने लंका से माता सीता को लाने के लिए समुद्र पर अपनी वानर सेना की मदद से पुल बनवाया था. नल और नील नाम के दो वानरों ने इस पुल के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी. यह पुल हिंद महासागर में बना था. सेतु समुद्रम शिपिंग नहर परियोजना को लेकर ऐसी योजना बनी थी कि रामसेतु को तोड़ा जाएगा, हालांकि सरकार ने फैसला वापस ले लिया था. आज उसी हिंद महासागर में पीएम मोदी ने नए पंबन ब्रिज का उद्‌घाटन किया, जिसकी वजह से रामसेतु एक बार फिर याद आया, कुछ लोगों को यह शंका भी हुई कि क्या पंबन ब्रिज उसी जगह पर बना है जहां रामसेतु है?

विज्ञापन

Ram Setu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अप्रैल को पंबन ब्रिज का उद्घाटन किया, जो उसी क्षेत्र में है, जहां रामसेतु है. पांबन वर्टिकल सी-लिफ्ट ब्रिज है. यह ब्रिज मंडपम रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम द्वीप के बीच बना है. यह ब्रिज पुराने पंबन पुल की जगह लेगा. पंबन ब्रिज के उद्‌घाटन के साथ ही एक बार फिर रामसेतु की चर्चा हो रही है. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने अपनी वानर सेना की मदद से रामेश्वरम से श्रीलंका तक पुल बनाया था. नासा द्वारा ली गई तस्वीर में यह आकृति नजर भी आती है, हालांकि वैज्ञानिक शोधों में यह दावा किया जाता है कि यह प्राकृतिक संरचना है.

कहां स्थित है पंबन ब्रिज और रामसेतु

pamban bridge and ramsetu
पंबन ब्रिज और रामसेतु


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस पंबन ब्रिज का उद्‌घाटन किया है, वह भारत के भूमि क्षेत्र से रामेश्वरम द्वीप को जोड़ता है. जबकि रामसेतु रामेश्वरम द्वीप से श्रीलंका को जोड़ता है. पीएम मोदी ने नए पंबन ब्रिज (Pamban Bridge) का उद्घाटन किया है, पुराना पंबन ब्रिज अंग्रेजों ने 1914 में बनवाया था. यह ब्रिज हिंद महासागर में बना भारत का पहला समुद्री ब्रिज है. जबकि रामसेतु का निर्माण हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान राम की वानर सेना ने किया था. अंग्रेज जब भारत आए, तो उन्होंने इस पुल को एडम्स ब्रिज का नाम दिया है. 1674 के डच नक्शे और 1804 के ब्रिटिश नक्शे में रामसेतु को एडम्स ब्रिज के रूप में चिह्नित किया गया है, जिसके बारे में यह कहा जाता था कि यह वह इलाका है जहां से पैदल समुद्र को पार किया जा सकता है.

पंबन ब्रिज और रामसेतु में मुख्य अंतर क्या है?


पंबन ब्रिज भारत की मुख्य जमीन से रामेश्वरम द्वीप को जोड़ता है, जबकि रामसेतु रामेश्वरम और श्रीलंका को जोड़ता है.जो लोग यह समझ रहे हैं कि पंबन ब्रिज और रामसेतु एक ही जगह पर स्थित है उनके लिए यह बात समझना बहुत जरूरी है. पंबन ब्रिज का निर्माण आधुनिक तकनीक से हुआ है, जबकि रामेसुत का निर्माण पत्थरों से किया गया था और वह पुल बहुत गहरा नहीं था. जिसकी वजह से यह समुद्री बांध की तरह है और यहां से होकर समुद्री जहाज गुजर नहीं सकते हैं, जिसकी वजह से इसे काटकर हटाने की योजना थी.

रामसेतु को लेकर क्या है विवाद?

सेतु समुद्रम शिपिंग नहर परियोजना को लेकर विवाद हुआ था जिसकी वजह से यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. 2005 में सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, इस प्रोजेक्ट के तहत रामसेतु को काटकर जहाजों के लिए सीधा रास्ता बनाने की योजना थी. जिसका धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से विरोध हुआ और देश में नई बहस छिड़ गई. 2007 में केंद्र सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में हलफनामा दायर किया, जिसमें यह कहा गया कि रामसेतु को ऐतिहासिक या धार्मिक स्थल नहीं माना जा सकता. इस हलफनामे का भारी विरोध हुआ था,तब सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था. यह मामला कोर्ट में चला था और 2018 में कोर्ट ने कहा कि जबतक मामला कोर्ट में है सरकार पुल को ध्वस्त नहीं कर सकती है. बाद में सरकार ने इसे संरक्षित करने की बात कही.

Also Read : Ram Navami Of Jharkhand : झारखंड की रामनवमी ऐसी, नहीं होती है पूरी दुनिया में जैसी

Magadha Empire : एक थे आचार्य चाणक्य जिनके अपमान ने कराया नंद वंश का पतन और मौर्य वंश की स्थापना

Aurangzeb Tomb Nagpur : ओडिशा के मंदिरों पर थी औरंगजेब की नजर, आज उसके कब्र पर मचा बवाल

waqf bill : वक्फ बिल को लेकर क्यों डरा हुआ है मुसलमान? उनके मन में हैं ये शंकाएं

विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola