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NARI 2025 : रांची-पटना, दिल्ली और कोलकाता में डरती हैं महिलाएं, भुवनेश्वर-मुंबई में हैं सुरक्षित

Updated at : 28 Aug 2025 5:21 PM (IST)
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women safety in india

महिला सुरक्षा

NARI 2025 Women Safety : हमारे देश में आज भी महिलाएं रात के अंधेरे में खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं और अपनी स्वतंत्रता को सीमित कर लेती हैं. वे अपने साथ हो रही छेड़खानी की शिकायत दर्ज नहीं कराती, बल्कि उस काम को ही करना बंद देती हैं, जहां उसके साथ बदसलूकी हुई है. NARI 2025 के अध्ययन में यह सच सामने आया है . भुवनेश्वर और मुंबई जैसे शहर जहां महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराते हैं, वहीं रांची-पटना जैसे शहर उन्हें डराते हैं.

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NARI 2025 Women Safety : महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के तमाम दावों के बावजूद जब आंकड़े निकलकर सामने आते हैं, तो हमारे पैरों तले की जमीन खिसक जाती है. NARI 2025 की रिपोर्ट के अनुसार अभी भी देश में महिलाओं की सुरक्षा का राष्ट्रीय स्कोर 65% ही है और अभी भी महिलाएं रात के अंधेरे में घर से निकलने में असुरक्षित महसूस करती हैं.

महिलाओं के लिए देश के सबसे सुरक्षित शहर

NARI 2025 की रिपोर्ट कहती है कि देश में कोहिमा, विशाखापट्टनम्, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटागर और मुंबई महिलाओं के लिए देश के सबसे सुरक्षित शहर हैं. इन शहरों में लैंगिक भेदभाव देखने को नहीं मिलता है. साथ ही नागरिक भागीदारी और पुलिस व्यवस्था महिलाओं के अनुकूल थीं, जहां वे सहजता के साथ अपनी बात कह सकती थीं.

शहर जहां महिलाओं को लगता है डर

रांची, श्रीनगर, कोलकाता, दिल्ली, फरीदाबाद, पटना और जयपुर देश के ऐसे शहर हैं, जहां की महिलाएं खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं. इन शहरों में महिलाएं सड़कों पर खुद को घूरे जाने, छेड़खानी और बाॅडी टच किए जाने की समस्याओं से खुद को डरा हुआ महसूस करती हैं. खास कर रात के अंधेरे में उन्हें इन समस्याओं का सामना ज्यादा करना पड़ता है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सिनेमा घरों में भी उन्हें डर लगता है. कई बार लड़कियां और महिलाएं इन समस्याओं की वजह से या तो पढ़ाई छोड़ देती हैं या फिर अपनी नौकरी छोड़ देती हैं.

महिलाओं ने प्रताड़ना की शिकायत की

सर्वे में 7 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे छेड़खानी का शिकार हुई हैं, इनमें 18-24 साल की लड़कियां शामिल हैं. देश की लगभग आधी महिलाओं को यह स्पष्ट नहीं था कि उनके कार्यस्थल पर POSH (यौन उत्पीड़न निवारण) नीति है या नहीं; जिन महिलाओं के कार्यालय में ऐसी नीतियां थीं, उन्होंने आम तौर पर उन्हें प्रभावी बताया. कुल मिलाकर, सर्वेक्षण में शामिल दस में से छह महिलाओं ने अपने शहर में खुद को सुरक्षित महसूस किया, लेकिन 40 प्रतिशत ने अभी भी खुद को इतना सुरक्षित नहीं या असुरक्षित माना.

आपराधिक आंकड़ों से नहीं पता चलता महिलाओं की वास्तविक स्थिति

NARI 2025 की रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि केवल आधिकारिक अपराधि आंकड़े महिलाओं की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शा सकते. इसकी वजह यह है कि कई बार महिलाएं अपने साथ हुए अपराध की शिकायत ही दर्ज नहीं कराती हैं. वे जब खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं, तो खुद को सीमित कर लेती हैं ताकि उसके साथ अपराध ना हो, लेकिन महिलाएं जिस वजह से सीमित हो रही हैं, उन वजहों को मिटाने की जरूरत है.

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31 शहरों में हुआ सर्वेक्षण

नारी 2025 ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 31 शहरों की 12,770 महिलाओं से बातचीत की. उसी बातचीत के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है. भारत में महिला सुरक्षा की व्यापक जांच-पड़ताल के लिए यह रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

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NARI का गठन कब हुआ था?

NARI का गठन 2023 में हुआ था.

NARI किन मुद्दों पर काम करती है?

NARI महिलाओं की सुरक्षा पर काम करती है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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