रोहित शर्मा को राज बावा जैसे यंगस्टर से रिप्लेस कर मुंबई इंडियंस ने दिया बड़ा संदेश, टीम से फेयरवेल की तैयारी

Edited by Rajneesh Anand
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रोहित शर्मा - राज बावा

Raj Bawa : आईपीएल में महज तीन मैच खेलने वाले राज बावा को मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्‌स के खिलाफ उतारा, राज बावा का डेब्यू मैच इसलिए बहुत खास है क्योंकि राज बावा ने रोहित शर्मा को रिप्लेस किया. प्लेइंग इलेवन में राज बावा के शामिल होते ही सोशल मीडिया में उसकी चर्चा जोर-शोर से हो रही है और फैंस उनका प्रोफाइल खंगाल रहे हैं. वहीं एक और सवाल सबके मन में है कि क्या मुंबई इंडियंस अपने सबसे सफल कप्तान को फेयरवेल देने की तैयारी में है?

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Raj Bawa : आईपीएल 2025 में 4 अप्रैल को एक नाम काफी चर्चा में रहा, वो है राज अंगद बावा का. राज बावा को मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्‌स के बीच खेले गये अहम मुकाबले में रोहित शर्मा को रिप्लेस करने के लिए उतारा गया था. मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्‌स के साथ खेले गए अहम मुकाबले में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को ड्रॉप कर जब राज बावा को उतारा, तो यह खिलाड़ी सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगा और सब यह जानने के लिए बेताब हो गये कि आखिर यह राज बावा है कौन जिसने रोहित शर्मा को रिप्लेस कर दिया?

कौन है राज बावा?

22 साल के राज बावा एक युवा खिलाड़ी हैं और क्रिकेट जगत में अभी उन्हें अपना नाम बनाना है. अगर उनके रिकाॅर्ड पर गौर करें, तो उन्होंने अबतक एक भी टेस्ट मैच, ओडीआई और टी-20 मैच नहीं खेला है. राज बावा को आईपीएल में तीन मैच खेलने का मौका मिला है, जिसमें उनका प्रदर्शन नोटिस करने जैसा नहीं रहा है. राज बावा ने तीन मैच खेलकर महज 11 रन बनाए हैं, जिसमें महज एक चौका शामिल है. राज बावा एक आलराउंडर खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्होंने अपनी गेंद से भी कोई कमाल अबतक नहीं किया है. उन्हें आईपीएल में बाॅलिंग का मौका अबतक मिला ही नहीं है. राज बावा के साथ जो नाम जुड़े हैं, वे बहुत बड़े हैं और इसी वजह से राज बावा से क्रिकेट फैंस की उम्मीदें जुड़ जाती हैं.

राज के दादा ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीतने वाली हाॅकी टीम के सदस्य

राज बावा के दादा त्रिलोचन सिंह बावा 1948 में ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीतने वाली हाॅकी टीम के सदस्य थे और उन्होंने उस मैच में दो गोल किए थे. राज बावा के पिता सुखविंदर बावा क्रिकेट के बड़े कोच हैं और उन्होंने युवराज सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ी को कोचिंग दी है. युवराज सिंह को अपनी प्रेरणा मानने वाले राज बावा, दाहिने हाथ के खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्होंने युवराज की वजह से बाएं हाथ से बैटिंग शुरू की. राज बावा ने 2022 में आईपीएल में डेब्यू किया था और उन्हें पंजाब किंग्स ने अपनी टीम में जगह दी थी,बाद में पंजाब ने उन्हें रिलीज कर दिया था और दो साल के ब्रेक के बाद 2025 में वे मुंबई इंडियंस के साथ खेल रहे हैं. अंडर-19 विश्वकप में राज बावा ने अपने बैट से अच्छा प्रदर्शन किया था.

रोहित को मुंबई इंडियंस ने क्यों नहीं दिया कल के मैच में मौका

आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस ने अबतक चार मैच खेले हैं, जिनमें से मात्र एक मैच में उन्हें जीत हासिल हुई है, शेष 3 मैच में मुंबई इंडियंस को हार नसीब हुई है. रोहित शर्मा को पिछले सीजन यानी 2024 में मुंबई इंडियंस ने कप्तानी से हटा दिया था और हार्दिक पांड्‌या को कप्तानी सौंपी थी. क्रिकेट जगत में इस तरह के कयास भी लगाए गए थे कि रोहित अब मुंबई इंडियंस के साथ नहीं रहेंगे, लेकिन 2025 में भी रोहित शर्मा मुंबई के साथ ही हैं, लेकिन इस सीजन में रोहित शर्मा के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, लगता है फ्रेंचाइजी यह मन बना चुकी है कि वह अब रोहित शर्मा का बोझ नहीं उठाएगी. पिछले मैच में रोहित को इंपैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान में उतारा गया था और 4 अप्रैल के मैच मैच में वे प्लेइंग इलेवन में ही शामिल नहीं थे. अबतक खेले गए मुंबई के चार मैच में से तीन में रोहित मैदान में उतरे लेकिन उनका बल्ला नहीं चला सीएसके खिलाफ-0, गुजरात के खिलाफ 8 और कोलकाता के खिलाफ इंपैक्ट प्लेयर के रूप में रोहित ने महज 13 रन बनाए हैं, यानी वे संघर्ष कर रहे हैं और इस वजह से फ्रेंचाइजी उनसे मुंह मोड़ रही है.

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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