बिहार में छह नदी जोड़ योजनाओं का हाे रहा सर्वेक्षण, सिंचाई का पानी पहुंचाने की कवायद शुरू

Updated at : 23 Jul 2022 1:10 PM (IST)
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बिहार में छह नदी जोड़ योजनाओं का हाे रहा सर्वेक्षण, सिंचाई का पानी पहुंचाने की कवायद शुरू

Bihar News: मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि राज्य में एक जून से 21 जुलाई तक औसतन करीब 400 मिमी बारिश होती रही है, लेकिन इस वर्ष करीब 215 मिमी बारिश ही हुई. राज्य में अल्पवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार समीक्षा कर रहे हैं.

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पटना. सूचना एवं जनसंपर्क सह जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा है कि सोन नहर प्रणाली में पानी की उपलब्धता में निरंतर सुधार हो रहा है. बिहार में छह नदी जोड़ योजनाओं का सर्वेक्षण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर वर्ष 2025 तक बिहार के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए जल संसाधन सहित सभी संबंधित विभाग तत्परता से काम कर रहे हैं. बाढ़ से सुरक्षा के लिए विभाग के अधिकारी एवं अभियंता सभी तटबंधों पर अलर्ट हैं. सभी तटबंधों पर रात्रि गश्ती बढ़ा दी गयी है.

सिंचाई का पानी पहुंचाने की कवायद

प्रत्येक किमी पर एक स्थानीय प्रहरी की भी तैनाती की गयी है. मंत्री संजय कुमार झा ने यह बातें शुक्रवार को जदयू प्रदेश कार्यालय में जन सुनवाई के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहीं. मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि राज्य में एक जून से 21 जुलाई तक औसतन करीब 400 मिमी बारिश होती रही है, लेकिन इस वर्ष करीब 215 मिमी बारिश ही हुई. राज्य में अल्पवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार समीक्षा कर रहे हैं. उनके निर्देश पर सिंचाई की सुविधा ज्यादा-से-ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए जल संसाधन और संबंधित विभागों द्वारा युद्ध स्तर पर कदम उठाये गये हैं. इसी कड़ी में इस हफ्ते किसानों को डीजल सब्सिडी देने का भी फैसला लिया गया है.

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वाणसागर से 11969 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि अल्पवृष्टि के कारण दक्षिण बिहार की सोन नहर प्रणाली में पानी की उपलब्धता में दिक्कत आ रही थी. उन्होंने पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री से फोन पर बात कर रिहंद जलाशय से बिहार के लिए पानी छोड़ने का अनुरोध किया था. साथ ही विभाग के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के वाणसागर और उत्तर प्रदेश के रिहंद जलाशय से पानी छोड़े जाने के लेकर विभागीय स्तर पर भी लगातार प्रयास किये. वाणसागर जलाशय से 12000 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए बात हुई थी. कुछ दिनों से करीब 11969 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में पानी की उपलब्धता कम है, फिर भी रिहंद जलाशय से भी करीब 2,624 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इससे इंद्रपुरी बराज से सोन नहर प्रणाली में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी गयी है और नहर में पानी की उपलब्धता में निरंतर सुधार हो रहा है.

इन नदी जोड़ योजनाओं पर हाे रहा काम

नदी जोड़ योजनाओं के बारे में मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि कोसी-मेची लिंक, फल्गु-पैमार लिंक, बागमती-बेलवाधार-बूढ़ी गंडक लिंक, गंडक-छाडी-दाहा- घाघरा लिंक, गंडक-माही-गंगा लिंक, त्रिशुला-बलान लिंक योजना का सर्वेक्षण कराया जा रहा है.‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ निश्चय के अंतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा कुल 691 योजनाओं का चयन किया गया है. इनका अनुमानित कमांड क्षेत्र 1,56,537 हेक्‍टेयर और अनुमानित लागत 1,647 करोड़ रुपये है. इनमें फील्‍ड चैनल की 263 योजनाएं, नहरों की मरम्मत की 350 योजनाएं, नहरों के विस्तारीकरण की 48 योजनाएं और बड़ी सिंचाई की 30 योजनाएं शामिल हैं. इनको 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है.

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