बूथ पर हर हाल में काेरोना गाइडलाइन का होगा पालन, जानें आयोग ने प्रशासन को क्या क्या सौंपे टास्क
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 15 Sep 2020 4:18 AM
उन्होंने कोरोना को देखते हुए बूथों पर भीड़-भाड़ रोकने के लिए क्राउड मैनेजमेंट की बेहतर प्लानिंग करने और राज्य की सीमा में शराब की इंट्री रोकने को सख्ती बरतने को कहा.
पटना-मुजफ्फरपुर : बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आयी चुनाव आयोग की टीम ने साफ कहा है कि मतदान में कोविड-19 की सभी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की है. आयोग की टीम ने सोमवार को पटना, तिरहुत, दरभंगा व कोसी प्रमंडलों के 19 जिले की समीक्षा की. समीक्षा दो चरणों में बांटकर की गयी. पहले चरण में चुनावी खर्च पर नियंत्रण को लेकर आयकर विभाग, नारकोटिक्स, उत्पाद, सीआइएसएफ, एयरपोर्ट ऑथोरिटी, रेलवे और निर्वाचन व्यय के नोडल पदाधिकारियों से रिपोर्ट ली गयी. दूसरी समीक्षा प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम और एसपी-एसएसपी के साथ बूथ, मतदाताओं और दिव्यांग व वरीय नागरिकों को लेकर पोस्टल बैलेट की समीक्षा की गयी. टीम में शामिल उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन और चंद्रभूषण कुमार शामिल हैं. आयोग की टीम मंगलवार को भागलपुर और गया में चुनावी समीक्षा के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार के साथ बैठक कर लौट जायेगी. सभी जिलों के डीएम से उप निर्वाचन आयुक्त ने बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों की संख्या व बूथों पर पहुंचाने की चर्चा की.
निर्देश दिया कि बूथों पर मतदाताओं के लिए न्यूनतम सुविधा हर हाल में होनी चाहिए. दिव्यांग वोटर के लिए रैंप और बुजुर्ग के बैठने की व्यवस्था करें. कोविड गाइडलाइन के अनुसार तैयारी करें. चुनाव कर्मियों की सुरक्षा का ख्याल रखें. मतदाता सूची को तय सीमा में दुरुस्त कर लेने को कहा गया. इसके अलावा मतदान कर्मियों की उपलब्धता, पीसीसीपी, सेक्टर जोनल, सुपर जोनल, माइक्रो ऑब्जर्वर के संबंध में सभी जिलों से जानकारी ली गयी.मुजफ्फरपुर में बैठक में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास, भारतीय सूचना सेवा के शरद चंद्र, निदेशक-व्यय (राजस्व सेवा) के अधिकारी पंकज श्रीवास्तव के अलावा तीनों प्रमंडलों के प्रमंडलीय आयुक्त, आइजी, डीआइजी और सभी 12 जिलों के डीएम-एसपी मौजूद थे.
मुजफ्फरपुर में आयोग की टीम ने अधिकारियों से कहा कि चुनाव के पूर्व कुर्की-जब्ती व वारंट का अधिक-से-अधिक तामिल कराएं. उन्होंने कोरोना के मद्देनजर बूथों पर भीड़-भाड़ रोकने के लिए क्राउड मैनेजमेंट की बेहतर प्लानिंग करने और राज्य की सीमा में शराब की इंट्री रोकने को सख्ती बरतने को कहा. जिलों में शराब जब्ती के आंकड़े पर उप निर्वाचन आयुक्त ने आश्चर्य जताया और कहा कि जब राज्य में शराबबंदी है तो इतनी शराब कैसे पकड़ी जा रही है? उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि जब आपका जिला किसी देश के बॉर्डर से जुड़ा नहीं है तो शराब की खेप कैसे और कहां से आ रही है? टीम ने शराब की इंट्री पर सख्ती से रोक लगाने और संवेदनशील बूथ से जुड़े इलाके पर विशेष नजर करने के निर्देश दिये.
सिर्फ रिपोर्ट से काम न चलेगा, जमीनी स्तर पर तैयारी करें उप निर्वाचन आयुक्त के कई सवालों का जवाब कुछ जिलों के अधिकारी नहीं दे पाये. कमोबेश तीनों प्रमंडलों के 12 जिलों की चुनाव तैयारी से आयोग की टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखी. रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सिर्फ इससे काम नहीं चलेगा. ग्रासरूट लेबल पर तैयारी करनी होगी. वैशाली के परफॉरमेंस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए डीएम से कहा कि वर्कप्लान बनाकर काम करने की जरूरत है. दरअसल, आयोग की टीम ने वैशाली डीएम से पूछा कि जब एक भवन में तीन-चार बूथ होंगे तो लाजमी है कि वोटर बढ़ेंगे. इस स्थिति में एक गेट से आने-जाने का उपयोग करना सही नहीं रहेगा. हर बूथ पर आने व जाने के लिए प्वाइंट बनाने के बारे में क्या प्लान है? इस मामले में डीएम जवाब नहीं दे पायीं.
आयोग की टीम ने पटना में चुनावी समीक्षा में आयकर, नारकोटिक्स, उत्पाद एवं मद्य निषेध, एयरपोर्ट व रेलवे के अफसरों को निर्देश दिया कि वे चुनाव के दौरान धनराशि के आवागमन पर विशेष नजर रखें. नेपाल की सीमा पर विशेष चौकसी रखनी होगी. साथ ही शराब व ड्रग्स का किसी भी हाल में कारोबार नहीं होनी चाहिए. एयरपोर्ट और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर जांच की सख्त व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही टीम ने सभी जिलों में बूथ पर उपलब्ध सुविधाएं, अतिरिक्त बूथों का गठन, जोखिम वाले लोगों और टोलों की मैपिंग, बुजुर्गों के लिए मतदान की व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाएं व पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की समीक्षा के साथ रिपोर्ट ली. टीम ने कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश भी दिया. कोरोना के कारण टीम विधानसभा चुनाव की समीक्षा चार शहरों में कर रही है.
बूथ पर क्राउड मैनेजमेंट के लिए करें बेहतर प्लानिंग, मतदान केंद्रों पर हेल्पडेस्क, जिन भवनों में बूथों की संख्या अधिक हो, वहां एग्जिट व एंट्री प्वाइंट बनाना, मतदाता जागरूकता को लेकर की जाने वाली गतिविधियों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करें
बीएलओ, आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका, आशा, जीविका को मतदाता जागरूकता के साथ कोरोना को लेकर जागरूकता अभियान में भी शामिल करें
मतदाता सूची में आगंतुक श्रमिकों का निबंधन एवं संवेदनशील बूथ पर विशेष निगरानी.
posted by ashish jha
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










