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बिहार : ब्रांड एंबेसडर बनेंगी रूनकी, मंगलसूत्र बेचकर बनाया शौचालय

20 Nov, 2017 7:49 am
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बिहार : ब्रांड एंबेसडर बनेंगी रूनकी, मंगलसूत्र बेचकर बनाया शौचालय

श्याम सुंदर केसरी फतुहा : पटना में जहां अधिकारियों ने शौचालय निर्माण के करीब 15 करोड़ रुपये डकार लिये, वहीं फतुहा की एक अनपढ़ महिला ने पति से विवाद कर अपने सुहाग की निशानी मंगलसूत्र बेच कर शौचालय बनाकर मिसाल कायम की है. जानकारी के अनुसार फतुहा प्रखंड की मोमिंदपुर पंचायत के वरूणा गांव निवासी […]

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श्याम सुंदर केसरी
फतुहा : पटना में जहां अधिकारियों ने शौचालय निर्माण के करीब 15 करोड़ रुपये डकार लिये, वहीं फतुहा की एक अनपढ़ महिला ने पति से विवाद कर अपने सुहाग की निशानी मंगलसूत्र बेच कर शौचालय बनाकर मिसाल कायम की है. जानकारी के अनुसार फतुहा प्रखंड की मोमिंदपुर पंचायत के वरूणा गांव निवासी रूनकी देवी ने छह महीने पहले शौचालय बनाने के लिए पति परशुराम पासवान से कहा, लेकिन पति की ओर से उन्हें जिल्लत मिली.
थक-हार कर वह अपने मंगलसूत्र और सोने की एक कनबाली को फतुहा बाजार में बेच कर उसी वक्त शौचालय बनाने के लिए बालू, ईंट और सीमेंट लेकर घर आयीं और पति के विरोध के बावजूद घर में शौचालय बनवायी. रविवार को विश्व शौचालय दिवस के मौके पर फतुहा के बुद्वेवचक गांव में स्वयं सहायता समूह जीविका की महिलाओं का शौचालय मुक्त गांव पर चौपाल और शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था जिसमें बीडीओ राकेश कुमार भी मौजूद थे. उसमें रूनकी देवी भी पहुंची थीं, जिन्हें बीडीओ राकेश कुमार ने शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया. बीडीओ ने रूनकी देवी के कारनामे को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने और उन्हें रॉल मॉडल बनाने की बात कही.
समारोह में रूनकी ने कहा कि मैं और मेरी जवान बेटियां भी घर के बाहर शौच करने जाती थीं, जिससे कई बार विशेषकर बरसात में भारी परेशानी होती थी.
इस कारण जेवर बेचकर शौचालय बनाने का निर्णय लिया. उन्होंने बीडीओ के सामने कहा कि गरीब और दलित होने के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी मदद हमें नहीं मिली है. बीडीओ राकेश कुमार ने उन्हें सरकार की ओर से शौचालय बनाने के लिए मिलने वाली राशि देने का आश्वासन दिया. मौके पर जीविका के प्रखंड कॉर्डिनेटर राजेश कुमार,जीविका की सैकड़ों दीदियां मौजूद थीं.
समारोह में रूनकी ने कहा कि मैं और मेरी जवान बेटियां भी घर के बाहर शौच करने जाती थीं, जिससे कई बार विशेषकर बरसात में भारी परेशानी होती थी. इस कारण जेवर बेचकर शौचालय बनाने का निर्णय लिया. उन्होंने बीडीओ के सामने कहा कि गरीब और दलित होने के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी मदद हमें नहीं मिली है. बीडीओ राकेश कुमार ने उन्हें सरकार की ओर से शौचालय बनाने के लिए मिलने वाली राशि देने का आश्वासन दिया. मौके पर जीविका के प्रखंड कॉर्डिनेटर राजेश कुमार,जीविका की सैकड़ों दीदियां मौजूद थीं.
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