भारतीय रेल का चेहरा बदलेंगे हाई स्पीड कॉरिडोर

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण
राष्ट्रीय रेल योजना की परिकल्पना थी कि 2026 से 2031 के दौरान कुल 2531 किमी लंबे आरंभिक चार कॉरिडोर बनें जिन पर करीब 504,200 करोड़ रुपए की लागत परिकल्पित थी. पर सरकार ने सात कारिडोर इस बजट में घोषित किए है, जो अधिक महत्वाकांक्षी और भारी लागत वाले हैं.
–अरविंद कुमार सिंह-
Budget 2026-27 : आम बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के विभिन्न हिस्सों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के ऐलान के साथ रेल इतिहास को एक नया मोड़ देने का प्रयास किया है. मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई और चेन्नई से बेंगलुरु के अलावा दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर साकार होगा तो उच्च गति के साथ तकनीक में भी भारतीय रेल छलांग लगाएगी. हालांकि इस काम में भारी संसाधन की दरकार होगी.
अगर गौर करें तो दुनिया के प्रमुख देशों में भारत ही ऐसा है, जिसके पास एक भी हाईस्पीड कॉरिडोर नहीं रहा है. मोदी सरकार के पहले रेल मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने जरूर 2014 में भारतीय रेल को बुलेट युग में ले जाने का वादा करने के साथ कई घोषणाएं की थीं. 2017 में मुंबई अहमदाबाद हाईस्पीड रेल परियोजना का भूमिपूजन हुआ तो सोचा गया था कि 15 अगस्त, 2022 तक बुलेट ट्रेन चलने लगेगी, पर उसमें अभी भी देरी है. फिर भी काम चालू है. ये पहली परियोजना साकार होगी तो अन्य इलाको में भी हाईस्पीड की गति तेज होती दिखेगी.
इस मुद्दे पर राष्ट्रीय रेल योजना में एक व्यापक खाका खींचा गया था, जिसमें प्रमुख नगरों, वाणिज्यिक और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए कुछ प्रमुख कॉरिडोरों की पहचान भी की गयी थी. योजना में दिल्ली- अमृतसर, दिल्ली-आगरा-कानपुर-लखनऊ-वाराणसी,को पटना औऱ कोलकाता तक विस्तार करने के साथ एक अन्य हाई स्पीड रेल लाइन पटना से कटिहार और न्यू जलपाई गुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक ले जाने की सिफारिश की गयी थी. इसी के तहत हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई, नागपुर को इससे जोड़ने के लिए एक खाका तैयार किया गया था. इन कारिडोरों के विस्तार के साथ आपस में इनको जोड़ कर विस्तृत सुविधा प्रदान करना इसका लक्ष्य रहा है.
राष्ट्रीय रेल योजना की परिकल्पना थी कि 2026 से 2031 के दौरान कुल 2531 किमी लंबे आरंभिक चार कॉरिडोर बनें जिन पर करीब 504,200 करोड़ रुपए की लागत परिकल्पित थी. पर सरकार ने सात कारिडोर इस बजट में घोषित किए है, जो अधिक महत्वाकांक्षी और भारी लागत वाले हैं.
2026-27 का मोदी सरकार का आम बजट रेलवे को महत्व देने के साथ जल परिवहन के प्रति भी काफी उदार है. बीते सालों में वंदे भारत गाड़ियों से लेकर नमो रेल और कई योजनाओं से रेलवे के उच्च आय के यात्रियों की सुविधाएं बेहतर हुई हैं, पर हाई स्पीड कारिडोर इसमें नया आयाम देगा. साथ ही नए डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दानकुनी से सूरत तक पूर्व से पश्चिम को जोड़ेगा.
हाल के सालों में कोरोना से निजात पाकर भारतीय रेल की दशा बेहतर हो रही है पर यात्रियों की रियायतें अभी भी ठहरी हुई हैं. रेलवे की माल भाड़े से आमदनी 2017-18 में 1.17 लाख करोड़ थी वह 2026-27 में 1.88 करोड़ रुपए से अधिक और यात्री आमदनी अब 87300 करोड़ रुपए तक पहुंच गयी है. पर बुजुर्गों समेत कई श्रेणियों की खत्म रियायत की बहाली इस साल भी बहाल नहीं हो सकी हैं. पर कई कमजोरियों के बाद भी डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के पूर्वी और पश्चिमी खंडों के साकार होने के कारण बहुत सी मालगाड़ियों को वैकल्पिक मार्ग सुलभ हो जाने के कारण अब यात्री गाड़ियों की रफ्तार बढने की संभावनाए बन गयी हैं.
लेकिन रेलवे के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं. वेतन भत्त्तों पर बजट का बड़ा हिस्सा व्यय हो रहा है. पेंशन फंड में रेलवे को 71,500 करोड़ रुपये रुपए व्यय करने पड़ रहे है जबकि नई लाइनें बिछाने पर 36721 करोड़ रुपये और ग्राहक सुविधाओं पर 11971 करोड़ रुपये. रेल पटरियों को दुरुस्त करने में 2026-27 में 22,853 करोड़ रुपए का व्यय संरक्षा के लिहाज से जरूरी है. रेलवे की एक बड़ी चुनौती 7.44 लाख करोड़ रुपए लागत की लंबित परियोजनाएं भी हैं.
अभी भी रेलवे के सामने बड़ा संकट उसका परिचालन अनुपात है जो 2026-27 में 98.40 फीसदी होगा. रेलवे का कुल परिचालन व्यय बढते हुए 2026-27 में 2.99 लाख करोड़ तक पहुंचने जा रहा है. ऐसे में विकाक से लिए उसकी सरकार पर निर्भरता बढती जा रही है.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




