देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है

Updated at : 18 Apr 2017 6:33 AM (IST)
विज्ञापन
देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है

बकौल वित्त मंत्रालय सकल घरेलू उत्पाद एवं अर्थ व्यवस्था सात फीसदी से भी ऊपर जा रहा है. यानी सरकार के ओर से जारी आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था की रंगीन तसवीर पेश कर रहे हैं. आरबीआई का जो आंकड़ा सामने आ रहा है वह बिलकुल उलट रूप दिखा रहा है. पिछले छह दशकों में पहली बार, […]

विज्ञापन

बकौल वित्त मंत्रालय सकल घरेलू उत्पाद एवं अर्थ व्यवस्था सात फीसदी से भी ऊपर जा रहा है. यानी सरकार के ओर से जारी आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था की रंगीन तसवीर पेश कर रहे हैं.

आरबीआई का जो आंकड़ा सामने आ रहा है वह बिलकुल उलट रूप दिखा रहा है. पिछले छह दशकों में पहली बार, देश का क्रेडिट वृद्धि दर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है. बैंक पहले से ही एनपीए को लेकर परेशान है. ऊपर से नए ऋण की मांग एक दम नहीं के बराबर है. फिर देश में रोजगार कहां से बढ़ेगा? वैसे भी आधुनिकीकरण एवं मांग में कमी के कारण, कामगारों की छुट्टी हो रही है. अर्थव्यवस्था के नकारात्मक तथ्यों का सामना कैसे किया जाये, इस पर भी मंथन करना होगा.

जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola