वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध हो

वधशाला बंद करना नोटबंदी से अधिक खतरनाक कदम प्रतीत हो रहा है. नोटबंदी में अपना पैसा कुछ समय के बाद विनिमय हो सकता था, जबकि वधशाला बंदी से कामगारों की पूंजी ही डूब गयी है. लाखों परिवार सड़क पर आ गये हैं. कोई भी कदम उठाने से पहले उसके भविष्य के परिणामों को देख लिया […]
वधशाला बंद करना नोटबंदी से अधिक खतरनाक कदम प्रतीत हो रहा है. नोटबंदी में अपना पैसा कुछ समय के बाद विनिमय हो सकता था, जबकि वधशाला बंदी से कामगारों की पूंजी ही डूब गयी है. लाखों परिवार सड़क पर आ गये हैं. कोई भी कदम उठाने से पहले उसके भविष्य के परिणामों को देख लिया जाना चाहिए. अचानक ही, जो लोग बेरोजगार हो गये हैं. सरकार को उनके परवरिश, भरण-पोषण के लिए वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए. नोटबंदी की मार झेल रहा परिवार अब इस वधबंदी से त्रस्त हो गया है. सरकार मुसीबत झेल रहे परिवारों के लिए कोई रास्ता निकाले.
गुलाम गौस आसवी, धनबाद.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




