चौराहों पर स्त्री प्रतिमाएं भी लगें
Updated at : 29 Mar 2016 6:33 AM (IST)
विज्ञापन

समाज के विकास में महिलाओं ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पुरुषों के बराबर योगदान दिया है, लेकिन चौक-चौराहों पर स्त्री प्रतिमा कहीं नजर नहीं आती़ समाज के विकास में किन-किन महिलाओं का योगदान रहा है, यह शोध किया जाये़ पुरुषों की मूर्तियां तो हर चौराहे पर हैं, अब स्त्री प्रतिमाओं को चौराहों पर स्थापित […]
विज्ञापन
समाज के विकास में महिलाओं ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पुरुषों के बराबर योगदान दिया है, लेकिन चौक-चौराहों पर स्त्री प्रतिमा कहीं नजर नहीं आती़ समाज के विकास में किन-किन महिलाओं का योगदान रहा है, यह शोध किया जाये़ पुरुषों की मूर्तियां तो हर चौराहे पर हैं, अब स्त्री प्रतिमाओं को चौराहों पर स्थापित करने पर विचार किया जाये़
स्त्री के मातृत्व को पर्याप्त महिमामंडित किया जा चुका है, इसलिए ध्यान रहे कि स्त्री प्रतिमाओं में वे ही गुण झलकें, जो पुरुष प्रतिमाओं में दिखते हैं. पुरुष के लिए घोड़ा और स्त्री के लिए घड़ा वाला जमाना अब नहीं चलेगा. हम उस दिन के इंतजार में हैं, जब किसी दिवंगत महिला की मूर्ति शहर के किसी प्रमुख चौक पर दिखेगी़
डॉ उषा किरण, रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




