बदरंग राजनीति

Updated at : 23 Mar 2016 6:26 AM (IST)
विज्ञापन
बदरंग राजनीति

भारत में विधायकों के पाला बदलने से राज्य सरकारों का अस्थिर होना कोई नयी बात नहीं है. केंद्र में भी सांसदों के इधर से उधर चले जाने से सरकारें बनी और गिरी हैं. इसी प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से दल-बदल निरोधक कानून बनाया गया था, लेकिन दल-बदल पर कोई कारगर अंकुश नहीं लगाया जा […]

विज्ञापन

भारत में विधायकों के पाला बदलने से राज्य सरकारों का अस्थिर होना कोई नयी बात नहीं है. केंद्र में भी सांसदों के इधर से उधर चले जाने से सरकारें बनी और गिरी हैं. इसी प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से दल-बदल निरोधक कानून बनाया गया था, लेकिन दल-बदल पर कोई कारगर अंकुश नहीं लगाया जा सका है. कुछ दिन पहले ही अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस के कुछ बागी विधायकों ने भाजपा के सहयोग से सरकार से बना ली है, और अब उत्तराखंड में भाजपा उसी फाॅर्मूले के तहत पिछले दरवाजे से सत्ता पर काबिज होने की जुगत लगा रही है.

उसका दावा है कि कांग्रेस के कुछ विधायक बागी हो गये हैं, लिहाजा हरीश रावत को मुख्यमंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. रावत का कहना है कि भाजपा कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ मिल कर विधायकों को लालच देने की कोशिश कर रही है. बहरहाल, अंतिम फैसला तो विधानसभा के पटल पर होना है और इसमें राज्यपाल और विधानसभाध्यक्ष की बड़ी भूमिका होगी. लेकिन, सबसे अहम सवाल भाजपा और कांग्रेस की राजनीति को लेकर है.

भाजपा कभी कांग्रेस पर अनैतिक राजनीति के द्वारा सरकारों को गिराने का आरोप लगाती थी, पर आज वह खुद ही इस खेल में शामिल है. अगर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उसकी उचित निष्ठा होती तो वह कथित तौर पर अल्पमत की सरकार को हटा कर राज्य में नये चुनाव कराने की मांग करती, लेकिन इसके उलट वह खुलेआम रावत से असंतुष्ट विधायकों के साथ मिल कर सरकार बनाने की कोशिश में है. इस प्रकरण से भाजपा की अलग ढंंग की पार्टी होने (पार्टी विद डिफरेंस) के दावे की कलई खुल गयी है. उधर कांग्रेस को भी आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर पार्टी के नेता मुख्यमंत्री के खिलाफ क्यों खड़े हो गये हैं.

हर छोटी-बड़ी बात पर आलाकमान की दुहाई देनेवाली पार्टी बागियों को रोक क्यों नहीं पा रही है? उत्तराखंड का मामला हमारी राजनीति में सत्ता की ललक के गहरे तक बसे होने की ओर भी इंगित करता है. ऐसे रवैयों से लोकतंत्र कमजोर होता है. उम्मीद है कि सभी संबद्ध पक्ष विवादों का तुरंत समाधान कर जन-सेवा के प्रति समर्पित होंगे. यही उनकी जिम्मेवारी है, और जन-प्रतिनिधियों से लोगों की यही अपेक्षा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola