जाट आंदोलन से प्रभावित जनजीवन
Updated at : 04 Mar 2016 12:27 AM (IST)
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बीते दिनों हरियाणा में जाटों द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर जिस तरह का हिंसक आंदोलन देखने को मिला, वह एक लोकतांत्रिक देश के लिए शुभ नहीं कहा जा सकता. आंदोलन का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि सरकारी मशीनरी के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया गया. […]
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बीते दिनों हरियाणा में जाटों द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर जिस तरह का हिंसक आंदोलन देखने को मिला, वह एक लोकतांत्रिक देश के लिए शुभ नहीं कहा जा सकता. आंदोलन का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि सरकारी मशीनरी के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया गया.
दर्जनों लोगों की मौत की खबरें आयीं, तो हजारों करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति विरोध के नाम पर फूंक दी गयी. यहां तक कि कुछ पापियों ने महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव भी किया. क्या आंदोलन इसी को कहते हैं?
सुधीर कुमार, गोड्डा
साहित्य सोपान
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