हिंदी हो न्यायालय की भाषा
Updated at : 06 Feb 2016 6:23 AM (IST)
विज्ञापन

वर्तमान में हिंदी का प्रयोग बढ़ा है. प्रधानमंत्री ने विदेश में भी हिंदी में भाषण देकर हिंदी का मान बढ़ाया है. हिंदी विश्व की दूसरी सबसे अधिक बोली जानेवाली भाषा है. इंटरनेट पर पहले से कहीं अधिक हिंदी का प्रयोग हो रहा है, लेकिन आज भी देश के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में हिंदी […]
विज्ञापन
वर्तमान में हिंदी का प्रयोग बढ़ा है. प्रधानमंत्री ने विदेश में भी हिंदी में भाषण देकर हिंदी का मान बढ़ाया है. हिंदी विश्व की दूसरी सबसे अधिक बोली जानेवाली भाषा है. इंटरनेट पर पहले से कहीं अधिक हिंदी का प्रयोग हो रहा है, लेकिन आज भी देश के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में हिंदी का प्रयोग नहीं होना दुखद है.
सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने, किसी आदेश की प्रति प्राप्त करने तथा बहस करने के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग नहीं होता, बल्कि अंगरेजी भाषा का प्रयोग होता है. देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी प्रधानमंत्री द्वारा हिंदी में दिये गये भाषणों से हिंदी के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है.
हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही हिंदी दिवस भी मनाया जाता है. ऐसे में न्यायालय में हिंदी का प्रयोग अनिवार्य करने की जरूरत है, जिससे हिंदी भाषी लोगों को न्यायालय संबंधी दस्तावेज पढ़ने तथा लिखने में सुविधा हो.
-प्रताप तिवारी, सारठ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




