भारत रत्न पर कांग्रेस का स्वार्थ

यह सही है कि महानतम बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर भारत रत्न के हकदार थे, लेकिन संन्यास के तुरंत बाद ही इस पुरस्कार को दिये जाने की घोषणा कर यूपीए सरकार ने मौके को भुनाने की कोशिश की है. यह सर्वोच्च पुरस्कार सचिन को बाद में भी दिया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इस लालच में […]
यह सही है कि महानतम बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर भारत रत्न के हकदार थे, लेकिन संन्यास के तुरंत बाद ही इस पुरस्कार को दिये जाने की घोषणा कर यूपीए सरकार ने मौके को भुनाने की कोशिश की है.
यह सर्वोच्च पुरस्कार सचिन को बाद में भी दिया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इस लालच में आकर जल्दबाजी कर दी कि चुनावों में सचिन के नाम को भुनाया जा सके. लेकिन सचिन को ऐसी किसी राजनीति का चारा बनने से बचना चाहिए. अन्यथा उनके ऐसे प्रशंसक जो भाजपा के भी समर्थक हैं, उन्हें निराशा हो सकती है.
आज देश की लगभग 80 } जनता सचिन और एनडीए, दोनों को पसंद करती है, ऐसे में सचिन को राजनीति से दूर रहना चाहिए. मेजर ध्यानचंद और अटल बिहारी वाजपेयी भी इस सम्मान के हकदार थे, पर कांग्रेस ने स्वार्थवश इन्हें नजरअंदाज कर दिया.
आनंद चंद्रवंशी, मरहेड़ी, चौपारण
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










