बयान नहीं, काम पर ध्यान दें

शिक्षा मंत्री ने पद संभालने के बाद से नये-नये बयानों से मीडिया में अपनी पहचान बना ली है. लेकिन जरूरत है उन बयानों को अमल में लाने की. उन्होंने कई बातें कही, लेकिन उनमें से एक को भी लागू नहीं किया. जैसे – स्थानीयता लागू करने के बाद शिक्षक बहाली होगी, पारा शिक्षकों का मानदेय […]
शिक्षा मंत्री ने पद संभालने के बाद से नये-नये बयानों से मीडिया में अपनी पहचान बना ली है. लेकिन जरूरत है उन बयानों को अमल में लाने की. उन्होंने कई बातें कही, लेकिन उनमें से एक को भी लागू नहीं किया.
जैसे – स्थानीयता लागू करने के बाद शिक्षक बहाली होगी, पारा शिक्षकों का मानदेय पांच हजार रुपये बढ़ेगा, टेट में रिजेक्ट परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी किया जायेगा, भोजपुरी व मगही से टेट पास छात्रों का रिजल्ट रद्द किया जायेगा, मैट्रिक रिजल्ट के साथ जाति/आवासीय प्रमाण पत्र दिया जायेगा, एससी/एसटी परीक्षार्थियों को 40} में पास किया जायेगा. उपर्युक्तमें से अब तक एक भी घोषणा पर अमल नहीं हो पाया है. माना कि स्थानीयता लागू करने में जल्दबाजी नहीं हो सकती लेकिन बाकी बयानों पर तो आप अमल करा सकती हैं. उम्मीद है कि माननीय शिक्षा मंत्री इस पर गौर करेंगी.
रौशन कुमार, ई-मेल से
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