कानून का यह दोहरापन किसलिए?

हमेशा ऐसा देखा जाता है कि बड़े राजनेता जेल जाने के तुरंत बाद बीमार पड़ जाते हैं. इसके बाद उन्हें तुरंत किसी बड़े अस्पताल में भरती कर दिया जाता है, जहां उन्हें घर जैसी सारी सुविधाएं मिलने लगती हैं. क्या इस तरह हमारे कानून का मजाक नहीं उड़ाया जाता है? अभी कुछ दिनों पहले संजय […]
हमेशा ऐसा देखा जाता है कि बड़े राजनेता जेल जाने के तुरंत बाद बीमार पड़ जाते हैं. इसके बाद उन्हें तुरंत किसी बड़े अस्पताल में भरती कर दिया जाता है, जहां उन्हें घर जैसी सारी सुविधाएं मिलने लगती हैं.
क्या इस तरह हमारे कानून का मजाक नहीं उड़ाया जाता है? अभी कुछ दिनों पहले संजय दत्त को बीमारी के आधार पर कुछ दिनों के लिए जेल से बाहर जाने की छुट्टी मिली थी. क्या किसी आम आदमी को भी ऐसे ही बीमारी के आधार पर जेल से बाहर जाने की इजाजत मिल जाती है? नहीं. हमारे देश में तो मामले चलते रहते हैं और लोग जेल में सड़ते रहते हैं.
कई बेगुनाहों की जिंदगी तो जेल में सिर्फ इसलिए कट जाती है, क्योंकि उन्हें कोई बेहतर वकील नहीं मिलता और साक्ष्य उनके खिलाफ मोड़ दिये जाते हैं. ऐसे में हमारी न्याय व्यवस्था में यह दोहरापन क्यों और कब तक? दीपक कुमार सिंह, हजारीबाग
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