उपद्रवियों का नहीं होता कोई धर्म
Updated at : 04 Nov 2015 4:10 AM (IST)
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हम सभी जानते हैं कि आजादी की लड़ाई केवल एक आदमी ने नहीं, बल्कि देश के हर वर्ग, जाति, धर्म के लोगों ने लड़ी थी. आज देश को आजाद हुए कई दशक गुजर चुके हैं, लेकिन कुछ मामले गुजरे जमाने के आईने के रूप मे दिखाई दे रहे हैं. धर्म के नाम पर विवाद और […]
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हम सभी जानते हैं कि आजादी की लड़ाई केवल एक आदमी ने नहीं, बल्कि देश के हर वर्ग, जाति, धर्म के लोगों ने लड़ी थी. आज देश को आजाद हुए कई दशक गुजर चुके हैं, लेकिन कुछ मामले गुजरे जमाने के आईने के रूप मे दिखाई दे रहे हैं.
धर्म के नाम पर विवाद और दंगे, गुलाम भारत में भी होते थे और आज भी हो रहे हैं. आज भी हमारा देश सांप्रदायिक घटनाओं के शर्मनाक दौर से गुजर रहा है. आज हिंदू और मुसलमान के बीच एक दरार आ गयी है. जबकि इसका नाता किसी धर्म या संप्रदाय से नहीं है. यह सिर्फ उपद्रवियों की करतूत है.
इन उपद्रवियों का कोई जाति और धर्म नहीं होता. यह अपना मतलब साधने के लिए किसी भी समय उपद्रव कर सकते हैं. उन्हें देश की एकता-अखंडता से कोई लेना-देना नहीं है. देश का हर नागरिक अमन-चैन से जीवन बसर करना चाहता है, लेकिन उपद्रवियों को यह रास नहीं आ रहा है. इन उपद्रवियों से हमें सतर्क रहने की जरूरत है.
-संघर्ष यादव, ई-मेल से
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