मजबूरी के मकड़जाल में अबला

Updated at : 03 Nov 2015 3:34 AM (IST)
विज्ञापन
मजबूरी के मकड़जाल में अबला

मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, बीते दिनों नेपाल में आये भूकंप की तबाही के बाद बेघर हुए और दो वक्त की रोटी को तरस रहे बच्चियों व महिलाओं की तस्करी की जा रही है. विपदा के समय में जिन्हें मदद की सख्त जरूरत है, उन्हें हमारा समाज क्या दे रहा है? यह अत्यंत दुखदायी […]

विज्ञापन

मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, बीते दिनों नेपाल में आये भूकंप की तबाही के बाद बेघर हुए और दो वक्त की रोटी को तरस रहे बच्चियों व महिलाओं की तस्करी की जा रही है. विपदा के समय में जिन्हें मदद की सख्त जरूरत है, उन्हें हमारा समाज क्या दे रहा है?

यह अत्यंत दुखदायी है. बात सिर्फ नेपाल की ही क्यों, अविकसित भारतीय गांवों के बेरोजगारों को नौकरी और रोजगार दिलाने का झांसा देकर न जाने कितनी ही निर्दोष बालाएं जिस्मफरोशी की भट्ठी में झोंक दी जाती हैं. मानव तस्करी आज अंदर ही अंदर विकराल रूप लेकर देश को खोखला करता जा रहा है.

पुलिसों की शह से दलालों का यह गोरखधंधा मजबूती से अपना पैर पसारता जा रहा है. दुर्भाग्य यह है कि हमारे ही समाज के कुछ लोग अपनी सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारियों से भागकर ‘जिस्म के सौदागार’ बन गये हैं. मजबूरी का फायदा उठानेवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

-सुधीर कुमार, राजाभीठा, गोड्डा

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola