राज्यों के टुकड़े करने से फायदा किसे?

कहते हैं कि एकता में बड़ी ताकत होती है. हमारे देश में कितनी एकता है, यह बात समझने में देर नहीं लगनी चाहिए. हम अपने ही देश के टुकड़े क्यों कर रहे हैं? जाहिर-सी बात है कि इसके पीछे राजनीति ही सबसे बड़ा कारण है क्योंकि अलग राज्य की मांग के लिए हम आम जनता […]
कहते हैं कि एकता में बड़ी ताकत होती है. हमारे देश में कितनी एकता है, यह बात समझने में देर नहीं लगनी चाहिए. हम अपने ही देश के टुकड़े क्यों कर रहे हैं? जाहिर-सी बात है कि इसके पीछे राजनीति ही सबसे बड़ा कारण है क्योंकि अलग राज्य की मांग के लिए हम आम जनता को प्रदर्शन करते कभी-कभार ही देखते हैं. राज्यों को बांटने के लिए राजनेता ही उतावले दिखते हैं.
वे ही जनता को बरगला कर अपनी मांग के समर्थन में हिंसा, आगजनी और प्रदर्शन करते हैं. आज तक राज्यों के टुकड़े कर जितने भी अलग राज्य बने, उनसे किसका भला हुआ. सही मायने में नेताओं की बिरादरी को ही इसका फायदा होता है. नये बने राज्यों को देख लीजिए. अलग राज्य बनने के बाद वहां की जनता की स्थिति जस की तस है, लेकिन साइकिल पर घूमने वाले तब के छुटभैये नेता स्कॉर्पियो से घूमने लगे हैं.
पालुराम हेंब्रम, सालगाझारी
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