खुद में सुधार करें समाज के ठेकेदार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Jul 2015 12:34 AM (IST)
विज्ञापन

आज हम खुद को प्रगतिशील समाज के ब्रांड अंबेसडर कहते नहीं थकते, मगर सच्चई इसके विपरीत प्रतीत होती है. 22 जून को प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार ‘स्कूल निदेशक को मार डाला’ हमारे प्रगतिशील समाज के ढोंग पर जोरदार प्रहार था. आज देश के कोने-कोने से ऐसी खबरें आ रही हैं. यह हमें समझ में […]
विज्ञापन
आज हम खुद को प्रगतिशील समाज के ब्रांड अंबेसडर कहते नहीं थकते, मगर सच्चई इसके विपरीत प्रतीत होती है. 22 जून को प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार ‘स्कूल निदेशक को मार डाला’ हमारे प्रगतिशील समाज के ढोंग पर जोरदार प्रहार था. आज देश के कोने-कोने से ऐसी खबरें आ रही हैं.
यह हमें समझ में नहीं आता कि हम कहां आ गये हैं? हमारी शालीनता और संवेदनशीलता कहां खो गयी है? आखिर हम लोकतांत्रिक मूल्यों की अवमानना करके क्या सिद्ध करना चाहते हैं? आज हम कानून को अपने हाथ में लेकर किसी को भी सजा दे देते हैं.
क्षण भर की माथापच्ची के बाद किसी को भी दोषी करार दे देते हैं. क्या यही सामाजिकता व नैतिकता का तकाजा है? क्या हमारा कानून लोगों को न्याय देने में असमर्थ हैं, जो लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं? समाज के ठेकेदार खुद में सुधार करें.
निहाल कुमार, रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




