चीन से दोस्ती करने में ही फायदा है
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 May 2015 5:02 AM (IST)
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‘मेक इन इंडिया’ नारे में चीन ने एक बहुत बड़ी कारोबारी संभावनाओं का बाजार भारत में तलाश लिया है. चीन का प्रस्ताव बहुत ललचाने वाला है. वहां की बनी मशीनें जापान, जर्मनी या अमरीका में बनी मशीनों के मुकाबले अत्यधिक सस्ती हैं. सालों की बचत की वजह से चीन के पास नकद मुद्रा भंडार भी […]
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‘मेक इन इंडिया’ नारे में चीन ने एक बहुत बड़ी कारोबारी संभावनाओं का बाजार भारत में तलाश लिया है. चीन का प्रस्ताव बहुत ललचाने वाला है. वहां की बनी मशीनें जापान, जर्मनी या अमरीका में बनी मशीनों के मुकाबले अत्यधिक सस्ती हैं. सालों की बचत की वजह से चीन के पास नकद मुद्रा भंडार भी काफी है.
चीन के स्थानीय बैंक और सरकारी एजेंसियां विदेशी उद्यमों में निवेश को तैयार हैं. चीन से मुकाबला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत भारत को चीन की तरह प्रगतिशील राष्ट्र बनाने का सपना देख रहे हैं.
लेकिन चीन का निवेश स्वीकार करने में कुछ गंभीर खतरे भी हैं. इनमें से एक है, मशीनों के कल-पुरजों के लिए चीन पर निर्भर हो जाने का खतरा. दोनों देशों के संबंध उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. ऐसे में चीन से दोस्ती ही भारत के हित में है.
पूनम गुप्ता, मधुपुर
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