कब सचेत होगा भारतीय डाक विभाग

आधुनिक समय में जहां लोग तेली से विभिन्न संचार माध्यमों से संवाद का आदान-प्रदान कर ले रहे हैं, वहीं भारतीय डाक विभाग साधारण पत्रों के मामले आज भी पुराने र्ढे पर ही काम कर रहा है. साधारण पत्र संबंधित व्यक्ति को कब मिलेगा, इसका कोई पता नहीं. इसी का नतीजा है कि आज लोग डाक […]
आधुनिक समय में जहां लोग तेली से विभिन्न संचार माध्यमों से संवाद का आदान-प्रदान कर ले रहे हैं, वहीं भारतीय डाक विभाग साधारण पत्रों के मामले आज भी पुराने र्ढे पर ही काम कर रहा है. साधारण पत्र संबंधित व्यक्ति को कब मिलेगा, इसका कोई पता नहीं.
इसी का नतीजा है कि आज लोग डाक विभाग पर भरोसा करने के बजाय निजी कूरियर कंपनियों पर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं. अब लोग रजिस्ट्री पत्र भी डाक विभाग से भेजने के बजाय कूरियर कंपनियों से भिजवाना अधिक पसंद करते हैं.
वहीं, डाक विभाग की लापरवाही की वजह से सर्वसाधारण को जेब ढीली करनी पड़ती है. डाक विभाग का ही एक अनुषंगी विभाग है दूरसंचार विभाग. दूरसंचार विभाग की लापरवाही से आम आदमी को तो परेशानी हो ही रही है, विभाग भी संकट से गुजर रहा है. आखिर ये कब सुधरेंगे?
पंकज कुमार, ई-मेल से
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