भविष्य निर्माण में बीएड आ रहा आड़े

विद्यार्थी चाह कर भी अपने भविष्य का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं. उनके जीवन में कोई न कोई बाधा आकर सपनों को बिखेर दे रही है. वैसी ही एक बाधा बीएड कोर्स की भी है. बीएड के बिना उनके भविष्य का निर्माण संभव नहीं है. पहले शिक्षक के पेशे में जाना छात्रों के लिए […]
विद्यार्थी चाह कर भी अपने भविष्य का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं. उनके जीवन में कोई न कोई बाधा आकर सपनों को बिखेर दे रही है. वैसी ही एक बाधा बीएड कोर्स की भी है. बीएड के बिना उनके भविष्य का निर्माण संभव नहीं है. पहले शिक्षक के पेशे में जाना छात्रों के लिए आसान था, लेकिन अब इसमें जटिलताएं आ गयी हैं.
इसके साथ ही, अब बीएड का कोर्स करने में छात्रों को लाखों रुपये पानी की तरह बहाना पड़ रहा है. इसके बाद भी यह कोई निश्चित नहीं है कि उन्हें रोजगार मिल ही जाये. वहीं, देश में कुकुरमुत्तों की तरह फैले बीएड का कोर्स करानेवाले संस्थान भविष्य निर्माण में लगे छात्रों का आर्थिक शोषण करने के लिए मनमानी फीस की वसूली कर रहे हैं. सरकार संस्थानों की देश में कमी है, जहां से बीएड का कोर्स किया जा सके. सरकार से निवेदन है कि सरकारी संस्थान खोले जायें.
पुरुषोत्तम कुमार मिश्रसू, रांची
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