इतिहास बन कर रह गयी है नैतिकता

सलमान खान को पांच साल की सजा सुनायी गयी, वह भी 13 साल बाद. पूरा देश उनके साथ हमदर्दी जता रहा था. लेकिन उनको कोई पूछनेवाला भी नहीं, जिनकी इस घटना में पूरी जिंदगी ही तबाह हो गयी. हमारे देश का कानून कितना उदारवादी है, जिसने सजा सुनाने में 13 साल लगाये और जमानत चंद […]
सलमान खान को पांच साल की सजा सुनायी गयी, वह भी 13 साल बाद. पूरा देश उनके साथ हमदर्दी जता रहा था. लेकिन उनको कोई पूछनेवाला भी नहीं, जिनकी इस घटना में पूरी जिंदगी ही तबाह हो गयी. हमारे देश का कानून कितना उदारवादी है, जिसने सजा सुनाने में 13 साल लगाये और जमानत चंद घंटे में ही दे दी गयी. यही वही कानून है, जो गरीबों के मामले में क्रूर हो जाता है.
अब भी कुछ ऐसे लोग हैं, जो सजा पूरी होने के बाद भी जेल में बंद हैं, तो कुछ बेकसूर होने के बावजूद सलाखों के पीछे सड़ रहे हैं. न सरकार इनके लिए कुछ कर रही है और न ही कानून. हमारी संवेदना तो देखिए कि हम भी इनके लिए आवाज उठाने की जगह पर अपने स्टार के लिए प्रार्थनाएं करते हैं. इंसानियत व नैतिकता अब शायद बीते सदी की बात हो गयी, तभी तो देश में ऐसा देखने को मिल रहा है.
नीतीश कुमार निशांत, रांची
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