सामाजिक विकृति के प्रति सचेत हों
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 May 2015 5:41 AM (IST)
विज्ञापन

पिछले दिनों मैं दफ्तर से घर वापस जा रहा था, तो सड़क पर अकेली जा रही एक लड़की को दो लड़कों के द्वारा छेड़ते हुए देखा. उनकी हरकत देख लड़की को सिर नीचा कर लेना पड़ा.पता नहीं इस हरकत से उन लड़कों को क्या हासिल हुआ, लेकिन लड़की ने जो सरलता दिखाई, वह काबिले-तारीफ है, […]
विज्ञापन
पिछले दिनों मैं दफ्तर से घर वापस जा रहा था, तो सड़क पर अकेली जा रही एक लड़की को दो लड़कों के द्वारा छेड़ते हुए देखा. उनकी हरकत देख लड़की को सिर नीचा कर लेना पड़ा.पता नहीं इस हरकत से उन लड़कों को क्या हासिल हुआ, लेकिन लड़की ने जो सरलता दिखाई, वह काबिले-तारीफ है, लेकिन आज नहीं तो कल उसे इस प्रकार की ओछी हरकतों के खिलाफ गर्दन ऊंची करनी ही पड़ेगी.
सवाल यह भी उठता है कि आखिर उस लड़की का दोष ही क्या था, जो इन लड़कों की छींटाकशी को बरदाश्त कर रही थी? हमेशा लड़कियों को ही समय के साथ समझौता क्यों करना पड़ता है?
इन्हीं हरकतों की वजह से उन्हें जान तक क्यों देना पड़ता है? मेरे विचार से टीवी धारावाहिक, सिनेमा और इंटरनेट के बढ़ते व्यहार से समाज में विकृति पैदा हो रही है. समय रहते सचेत होना होगा.
नवीन कुमार सिन्हा, जमशेदपुर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




