सारा कानून सिर्फ गरीबों की खातिर!
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 May 2015 12:27 AM (IST)
विज्ञापन

हमारी न्यायपालिका पर उस संविधान की रक्षा का जिम्मा है, जो विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. हम इसी संविधान के नियमों के तहत जीवन भी जीते हैं. मगर बहुत से नियम-कानून बहुत ही कमजोर व बेवजह जान पड़ते हैं. नाम बड़े और दर्शन छोटे. संविधान के अनुरूप सभी भारतीय एकसमान हैं और कानून […]
विज्ञापन
हमारी न्यायपालिका पर उस संविधान की रक्षा का जिम्मा है, जो विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. हम इसी संविधान के नियमों के तहत जीवन भी जीते हैं. मगर बहुत से नियम-कानून बहुत ही कमजोर व बेवजह जान पड़ते हैं.
नाम बड़े और दर्शन छोटे. संविधान के अनुरूप सभी भारतीय एकसमान हैं और कानून भी सभी के लिए एकसमान है. मगर, क्या शराब फैक्टरियों में बने तो गलत नहीं हैं और यदि उसी शराब को कोई गरीब परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बनाता है, तो गलत है? इन दिनों झारखंड में महुआ से बनी शराब पर प्रतिबंध लगाने की मुहिम पूरे जोर-शोर से चल रहा है.
नशे में गाड़ी चलाना जुर्म है. सार्वजनिक जगहों नशीले पदार्थो की बिक्री करना अपराध है. लेकिन इन नियमों को राजधानी रांची की सड़कों पर ही हमने टूटते हुए देखा है. देश में नित होनेवाली दुर्घटनाओं में से करीब 70-80 फीसदी घटनाएं सिर्फ नशे की वजह से होती हैं. लेकिन फिर भी नशा सेवन कर वाहन चलाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका है. इसका सीधा मतलब तो यही हुआ कि देश का सारा नियम-कानून सिर्फ गरीबों के लिए ही है.
देश का एक कानून सलमान खान जैसे लोगों को गैर-इरादतन हत्या जैसे अपराध के लिए सजा नहीं दिला पाता है, क्योंकि यह हाई प्रोफाइल मामला है. वहीं, यदिकोई गरीब ऐसे ही अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो कोई जानता भी नहीं कि उसे कब सजा मिली और कब सुनवाई हुई.
इतना ही नहीं, इस देश में कई बड़े और दिग्गज नेता ऐसे हैं, जो कई प्रकार के जुर्म करके खुलेआम घूम रहे हैं. फिर भी उन्हें कानून अपने शिकंजे में नहीं लेता, जबकि एक गरीब वैसे ही अपराध में सलाखों के पीछे नजर आता है. आखिर क्यों?
हरिश्चंद्र महतो, बेलपोस, प सिंहभूम
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




