प्यार करनेवालों से ऐसे भी न जलो!

Published at :03 Apr 2015 5:23 AM (IST)
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प्यार करनेवालों से ऐसे भी न जलो!

विनय त्रिवेदी प्रभात खबर, जमशेदपुर पिछले कई दिनों से, गली-मोहल्ले से लेकर बाजार तक, व्हाट्सएप से लेकर फेसबुक तक, और अखबारों से लेकर टीवी तक, सब जगह बस उनकी ही चर्चा है. कोई उन पर शब्दों के तीर चला रहा है, तो कोई ढाल लेकर बचाव में खड़ा है. जी हां, हम बात कर रहे […]

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विनय त्रिवेदी

प्रभात खबर, जमशेदपुर

पिछले कई दिनों से, गली-मोहल्ले से लेकर बाजार तक, व्हाट्सएप से लेकर फेसबुक तक, और अखबारों से लेकर टीवी तक, सब जगह बस उनकी ही चर्चा है. कोई उन पर शब्दों के तीर चला रहा है, तो कोई ढाल लेकर बचाव में खड़ा है. जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय नौजवानों के नये ‘भइया-भाभी’ विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की.

उन्मादी किस्म के क्रिकेटप्रेमी विश्व कप सेमीफाइनल में मिली हार का ‘हार’ भइया-भाभी को ही पहना रहे हैं. कोई कह रहा है कि ‘अगर कोहली ठीक से खेलता तो हम शायद मैच जीत सकते थे, फाइनल में पहुंच सकते थे.’ तो कोई कह रहा कि ‘भाभी के पवेलियन में बैठे होने के कारण भइया का ध्यान उधर ही था और वे जल्दी लौट गये.’ जितनी मुंह उतनी बातें. कई दोस्तों ने तो व्हाट्सएप और फेसबुक पर ‘भइया-भाभी’ का एक साथ भारत वापस आते हुए फोटो भी डाला. इस पर कई सारे मजाकिया कमेंट्स भी लिखे गये. दो दिन पहले जब मैं चाय की एक दुकान पर पहुंचा तो वहां भी हर जुबान पर ‘भइया-भाभी’ के ही चर्चे थे.

अपनी उम्र को मात देते, विचारों से जवान दिखने की पुरजोर कोशिश करते एक चच्च कहने लगे, ‘‘अब हर मैच में कोई सेंचुरी मारे ये तो हो नहीं सकता. हां, मान लिया कि कोहली नहीं अच्छा खेला, तो दूसरे खिलाड़ियों ने कौन सा तीर मार दिया? रैना, धवन, रोहित ने क्यों नहीं मारा शतक?’’ एक सज्जन तो लगभग रोनी आवाज में कहने लगे, ‘‘इंडिया टीम की हार के बाद कीवियों-कंगारुओं को फाइनल खेलते देखना मेरे वश का नहीं रह गया था.’’ चच्च फिर से बोल पड़े, ‘‘हां, अब तो चार साल का लंबा इंतजार ही बच गया है हमारे हिस्से. एक कड़क चाय और दे रामू.’’ तभी एक नौजवान बोला, ‘‘जितने कुंठित और जलनखोर लोग हैं, वही कोहली और अनुष्का पर उंगली उठा रहे हैं.

खुद तो किसी से प्यार कर नहीं पाये, अब दूसरे का प्यार देख कर जलते हैं. अभी कोहली ने शतक मार दिया होता और टीम जीत जाती, तो यही लोग अनुष्का को लेडी लक, भाग्यलक्ष्मी और न जाने क्या-क्या कहते. ये कोई बात हुई!

खेल में अच्छा-बुरा प्रदर्शन लगा ही रहता है. इसमें अनुष्का को घसीटने का क्या मतलब?’’ चच्च ने नौजवान को गौर से देखा और फिर शुरू हो गये, ‘‘बिल्कुल ठीक कह रहा है लड़का. राम जी के लिए सीता मैया को 14 साल वनवास काटना पड़ा, पर कोई यह नहीं कहता कि राम जी ने सीता मैया का नसीब खराब कर दिया. पर यहां कोई एक मैच में आउट हो गया और उसकी प्रेमिका को पनौती बताया जाने लगा.

बहुत गलत बात है. जलनेवाले जलें, हमें तो विराट-अनुष्का की जोड़ी अच्छी लगती है बेटा. खुल्लमखुल्ला प्यार करेंगे हम दोनों टाइप. दोनों रैना की शादी में साथ आनेवाले हैं. आइपीएल में भी अनुष्का का प्रोग्राम है.’’ चच्च की इस जोरदार पैरवी के बाद कोई क्या बोलता.

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