छात्रों के साथ न हो हिंसक सलूक
Author Prabhat khabar digital desk
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पिछले दिनों जेएनयू में हुई हिंसक घटना चिंताजनक है. देश में कई शिक्षण संस्थानों में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं. दुखद है कि इस तरह की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं. अगर छात्रों पर इस तरह अत्याचार होता रहा, तो लोग अपने बच्चों को कॉलेज-विवि भेजने से हिचकेंगे. छात्रों के साथ हिंसक […]
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पिछले दिनों जेएनयू में हुई हिंसक घटना चिंताजनक है. देश में कई शिक्षण संस्थानों में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं. दुखद है कि इस तरह की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं. अगर छात्रों पर इस तरह अत्याचार होता रहा, तो लोग अपने बच्चों को कॉलेज-विवि भेजने से हिचकेंगे.
छात्रों के साथ हिंसक सुलूक नहीं होना चाहिए. इस मामले में लगता है कि सरकार छात्रों की बात को सुनने में हिचकिचा रही है. अगर छात्र अपने भविष्य के लिए सड़क पर उतरा है, तो सरकार को हर छात्र की बात सुननी चाहिए और सही बात को माननी भी चाहिए. छात्र यह लड़ाई अपने लिए नहीं, बल्कि भविष्य की नस्लों के लिए भी लड़ रहे हैं.
दुखद है कि लोग हिंसा का समर्थन कर रहे हैं. देश में आर्थिक स्थिति के साथ मानसिक स्थिति भी खराब होती जा रही है. सरकार को छात्रों की लड़ाई को रोकना चाहिए. नहीं तो भाईचारा को छोड़कर लोग नफरत की राह पकड़ सकते हैं. भारत प्रेम फैलानेवाला देश है. हमारा नाम इस तरह खराब क्यों हो?
मो जमील, मधुबनी, बिहार
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