देवी की पूजा तभी पूर्ण है, जब नारी का सम्मान हो

नवरात्रि का महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. लोग देवी के नौ रूपों की पूजा कर रहे हैं. हम सब जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का रूप माना जाता है, जिसकी पूजा हम पूरी निष्ठा और आदरभाव के साथ करते हैं. वहीं दूसरी ओर आये दिन महिलाओं के […]
नवरात्रि का महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. लोग देवी के नौ रूपों की पूजा कर रहे हैं. हम सब जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का रूप माना जाता है, जिसकी पूजा हम पूरी निष्ठा और आदरभाव के साथ करते हैं. वहीं दूसरी ओर आये दिन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की खबरें भी आ रही हैं. नाबालिग बच्चियों को भी हवस का शिकार बनाया जा रहा है.
ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या हमें केवल मिट्टी के मूरत की ही पूजा करनी है? क्या केवल मिट्टी की मूरत के प्रति ही निष्ठा रखनी है? क्या केवल उनका ही सम्मान करना है? क्या हमारी संस्कृति नारियों के साथ हो रहे कुकर्मो का समर्थन करती है? जाहिर है, इन सभी प्रश्नों का उत्तर नहीं में है. साफ है कि देवी की पूजा तभी सफल मानी जायेगी, जब हम नारियों और बच्चियों का भी सम्मान करें, उनकी रक्षा करें.
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