पाबंदी से बढ़ी पान मसाले की कीमत

कुछ महीनों पहले राज्य सरकार ने तंबाकू की बिक्री पर पाबंदी लगायी थी. लेकिन इसे सख्ती से लागू कर पाना शायद सरकार के भी बस की बात नहीं. तभी तो इतने कड़े प्रयासों के बावजूद, यह तब से लेकर अब तक बाजार में मिल रहा है. इसकी वजह यह है कि इस दिशा में प्रशासन […]
कुछ महीनों पहले राज्य सरकार ने तंबाकू की बिक्री पर पाबंदी लगायी थी. लेकिन इसे सख्ती से लागू कर पाना शायद सरकार के भी बस की बात नहीं. तभी तो इतने कड़े प्रयासों के बावजूद, यह तब से लेकर अब तक बाजार में मिल रहा है. इसकी वजह यह है कि इस दिशा में प्रशासन और पुलिस सक्रिय नहीं है.
सरकार ने तंबाकू की बिक्री पर रोक तो लगायी, लेकिन इस प्रतिबंध के लागू होने के बाद हालात ऐसे बने कि गुटखे और पान मसाले के क्षेत्र में जमाखोरी, महंगाई और कालाबाजारी चल पड़ी है. जो गुटखा पहले एक या दो रुपये में मिलता था, अब वह तीन से चार रुपये में मिलने लगा है. और तो और पांच रुपये में मिलनेवाला सिगरेट अब सात रुपये में मिल रहा है. यही नहीं, बिना तंबाकू वाले पान मसालों की भी मांग इसी वजह से बढ़ चुकी है. क्या इसीलिए इन पर पाबंदी लगी थी?
चंद्रेश्वर प्रसाद, रातू रोड, रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




