प बंगाल में चुनावी हिंसा
Updated at : 22 May 2019 3:19 AM (IST)
विज्ञापन

पूरी दुनिया में निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव कराना हमारी पहचान रही है, लेकिन इस बार चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में लोगों को मतदान करने से रोकने की कोशिश की गयी तथा डराया-धमकाया गया. हालात तो ऐसे थे कि लोग सकुशल मतदान करके लौटने पर भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे. आश्चर्य की बात […]
विज्ञापन
पूरी दुनिया में निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव कराना हमारी पहचान रही है, लेकिन इस बार चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में लोगों को मतदान करने से रोकने की कोशिश की गयी तथा डराया-धमकाया गया.
हालात तो ऐसे थे कि लोग सकुशल मतदान करके लौटने पर भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे. आश्चर्य की बात है कि सभी सातों चरणों में इस राज्य में हिंसा हुई. जो नेता एक-एक वोट के लिए गिड़गिड़ाते हैं, आम लोगों को सर पर बैठाते हैं, वही नेता कुर्सी पर बैठने के बाद तानाशाही पर कैसे उतर जाते हैं?
संविधान में नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार मिला हुआ है, लेकिन सूबे की मुख्यमंत्री को लोगों का ‘जय श्री राम’ बोलना बुरा लगता है और वह उन्हें राज्य से निकालने की धमकी दे डालती हैं. नेताओं का यह बरताव असहनीय है. स्थिति भयावह है और हिंदुस्तान की गरिमा बनाये रखने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की दखलअंदाजी जरूरी है.
उत्सव रंजन, नीमा, हजारीबाग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




